Myrica esculenta : अरे! काफल तो पक गए ,आपने अभी तक नहीं चखे!

Myrica esculenta : अरे! काफल तो पक गए ,आपने अभी तक नहीं चखे!
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अरे! काफल तो पक गए ,आपने अभी तक नहीं चखे!

 

 Haldwani News : काफल एक ऐसा फल है, जो गर्मियों में खाने से शरीर को ठंडाई देता है. और अब पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों का खट्टा-मीठा रसीला फल काफल बाजार में उतर आया है. साथ ही अब यह फल दुकान में भी बिकने लगा है. अभी काफल की कीमत 300 से 400 रुपये प्रति किलो है.

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इसके पेड़ ठंडी जलवायु में पाए जाते हैं. इसका लुभावना गुठली युक्त फल गुच्छों में लगता है और गर्मी के मौसम मेें ये फल थकान दूर करने के साथ ही तमाम औषधीय गुणों से भी भरपूर है. इसके सेवन से स्‍ट्रोक और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व हाेने के कारण इसे खाने से पेट संबंधित रोगों से भी निजात मिलती है

यह फल स्‍थानीय लोगों को के लिए रोजगार का साधन भी बनता है. स्थानीय लोग का फल को पेड़ से तोड़कर मंडी तक लाते हैं और मंडी में इस फल को बेचते हैं, जिससे किसानों को इससे लाभ होता है. काफल प्रारंभिक अवस्था में इसका रंग हरा होता है और अप्रैल माह के आखिर में यह फल पककर तैयार हो जाता है. तब इसका रंग बेहद लाल हो जाता है

और अब बाजारों में काफल के साथ ही और भी पहाड़ी फल आ गए हैं स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि इन दिनों काफल 300 से 400 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है. नैनीताल जिले के आमपड़ाव, बसगांव, चोपड़ा, बलियाखान, कूड़, खुरपाताल रामगढ़ और भवाली क्षेत्र के विभिन्न गांवों के ग्रामीण इन दिनों ग्रामीण शहर में काफल बेचने आते हैं काफल के अनेक औषधीय गुण हैं

यह फल अपने आप में एक जड़ी-बूटी है. चरक संहिता में भी इसके अनेक गुणकारी लाभों के बारे में वर्णन किया गया है. काफल के छाल, फल, बीज, फूल सभी का इस्तेमाल आयुर्विज्ञान में किया जाता है. काफल सांस संबंधी समस्याओं, डायबिटीज, पाइल्स, मोटापा, सूजन, जलन, मुंह में छाले, मूत्रदोष, बुखार, अपच, शुक्राणु के लिए फायदेमंद व दर्द निवारण में उत्तम है.

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