कोतवाली प्रभारी की दिन रात की मेहनत को पलीता लगा रहे हैं उनके ही कुछ अधीनस्थ,
यामीन विकट
ठाकुरद्वारा : एक ओर कोतवाली प्रभारी नगर के व्यापारियों की मीटिंग कर उनसे तरह तरह के मशविरे कर रहे हैं कि कैसे नगर के हालात को बेहतर बनाया जा सकता है तो दूसरी ओर उनके लाख प्रयासों के बाद भी उनके ही स्टाफ के कुछ पुलिस कर्मी उनकी मेहनत पर पानी फेरने में कोई कसर बाकी नही छोड़ रहे हैं।
जी हाँ नवागत कोतवाली प्रभारी राजीव चौधरी ने जब से कोतवाली का कार्यभार संभाला है तभी से पुलिस कर्मियों की अनेक खामियां उनके संज्ञान में आई हैं और कोतवाली प्रभारी लगातार इस प्रयास में जुटे हैं कि सब कुछ सही और चाक चौबंद हो जाये लेकिन उनके अथक प्रयासों के बावजूद कुछ पुलिस कर्मी आज भी ,हम नही सुधरेंगे ,की तर्ज पर कार्य कर रहे हैं। ताज़ा मामला रविवार का है हुआ यूं कि प्रशासन ने नगर के सभी होटलों को निर्देश जारी किए थे।
कि वह शाम 6 बजे तक सभी रेस्टोरेंट व खाने के होटलों को बंद कर दें। अब ज़ाहिर सी बात है कि जब 6 बजे तक के आदेश हैं तो रेस्टोरेंट स्वामी 6 बजे तक उन्हें बन्द कर ही देंगे लेकिन नही साहब कोतवाली में तैनात कुछ कर्मठ पुलिस कर्मी (जो पहले भी खासे चर्चित रह चुके हैं) उन्हें ये गवारा नहीं हुआ कि समय की प्रतीक्षा करें बल्कि 4 बजे ही नगर के एक होटल पर पँहुच कर होटल स्वामी के पुत्र से गाली गलौज करते हुए उसको तमाचे भी जड़ दिए। उसने समझाने का प्रयास किया कि अभी चार बजे हैं और हम 6 बजे तक बन्द कर देंगे लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई और उसे इस तरह लेकर कोतवाली में बैठा दिया गया जैसे इसने कोई बहुत बड़ा अपराध कर दिया है। बाद में कोतवाली प्रभारी को जब पूरी बात बताई गई तो उन्होंने होटल स्वामी के पुत्र को कोतवाली से छुड़वा दिया।
यंहा सवाल उठता है कि क्या कोतवाली प्रभारी अपने इन बेलगाम हो चुके अधिनस्थों को सुधार पाएंगे या ये इसी तरह उल्टे सीधे काम करके कोतवाली प्रभारी की जी तोड़ मेहनत पर यूं ही अपनी हरकतों से पानी फेरते रहेंगे। होटल स्वामी के साथ घटी इस घटना से नगर के व्यापारी वर्ग में भी इसे लेकर नाराज़गी का माहौल है।