ज़ीनत महबूब: गैस के चूल्हे पर मोहर और इतिहास रचने का संकल्प!

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ज़ीनत महबूब: गैस के चूल्हे पर मोहर और इतिहास रचने का संकल्प!

अज़हर मलिक

क्या कभी किसी चुनावी मैदान में ऐसी ताकत और जनसमर्थन देखने को मिला है? वार्ड नंबर 23 में ज़ीनत महबूब अपनी चुनावी जंग में उतरी हैं, और इस बार उनका चुनाव चिन्ह है – गैस का चूल्हा। पर ये चूल्हा सिर्फ एक चुनाव चिन्ह नहीं, बल्कि उस संघर्ष और साहस का प्रतीक है, जो ज़ीनत ने वर्षों से अपनाया है।

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सिर्फ परिवार के नाम पर चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि ज़ीनत ने खुद को मैदान में उतारकर यह साबित कर दिया कि महिलाएं और समाज के हर वर्ग के लिए उनकी आवाज जरूरी है। उनका पति, जो खुद पार्षद रह चुके हैं, के अधूरे वादों को पूरा करने का संकल्प ज़ीनत ने लिया। अब जनता उनका साथ देने के लिए तैयार है।

 

 

 

 

उनका चुनावी यात्रा न केवल एक महिला उम्मीदवार की यात्रा है, बल्कि वह हर उस इंसान की उम्मीद बन चुकी हैं, जो समाज में बदलाव चाहता है। गैस के चूल्हे की गर्मी और चुनावी जोश के साथ, ज़ीनत महबूब ने एक नई शुरुआत की है, जो शायद इतिहास में कभी नहीं देखी गई।

 

क्या ज़ीनत महबूब इस बार चुनावी रणभूमि में जीतकर नया इतिहास रच पाएंगी? यह सवाल अब पूरे वार्ड और उनके समर्थकों के दिलों में गूंज रहा है। ज़ीनत का चुनाव, न केवल उनके लिए, बल्कि पूरी जनता के लिए एक ऐतिहासिक मौका बनने वाला है।

 

 

 

 

 

 

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