एयर इंडिया AI 171 क्रैश: शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया पायलट भ्रम, इंजन स्विच ‘कटऑफ़’ में चले गए
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जताने वाली बोइंग 787 (फ्लाइट AI 171) टेकऑफ़ के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें विमान पर सवार 241 लोगों और ज़मीन पर 19 लोगों की जान चली गई – कुल 260 की मृत्यु हुई ।
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🛑 क्या हुआ? – प्रारंभिक रिपोर्ट कहती है:
AAIB की 15-पेज प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि टेकऑफ़ के तुरंत बाद दोनों इंजन के फ़्यूल कटऑफ़ स्विच RUN से CUTOFF पोज़िशन में चले गए, जिससे इंजन को ईंधन नहीं मिला और विमान ऊँचाई खो बैठा ।
विमान के ब्लैक बॉक्स रिकार्डिंग में पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति दिखाई दी। एक पायलट ने पूछा, “तुमने फ़्यूल कट क्यों किया?”, जबकि दूसरा कहता रहा, “मैंने नहीं किया” ।
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📊 तकनीकी पहलुओं पर बहस:
स्विच को एक सेकंड के अंतराल पर दोनों इंजन में कटऑफ़ ने पायलटों को चौंका दिया, क्योंकि ये स्विच सामान्यतः केवल टेक-ऑफ़ के बाद गैट पर इंजन बंद करने में काम आते हैं ।
सुरक्षा विशेषज्ञ का कहना है कि ऐसे स्विच को गलत तरीके से ऑपरेट करना “बेहद असामान्य” है, और इसका जांच का केंद्र बनना चाहिए ।
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🌐 अंतरराष्ट्रीय सहयोग:
भारत सरकार के AAIB के साथ यू.एस. एनटीएसबी, FAA, बोइंग और GE जैसी एजेंसियां भी जांच में शामिल हैं। अभी तक किसी यांत्रिक दोष की पुष्टि नहीं हुई है ।
यूरोपीय संघ की विमानन एजेंसी (EASA) ने एयर इंडिया एक्सप्रेस की सुरक्षा रिकॉर्ड की भी जांच शुरू की है ।
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🔭 अगली राह:
AAIB का अंतिम रिपोर्ट एक साल के भीतर आने की उम्मीद है ।
जांच एजेंसियाँ स्विच के डिजाइन, पायलट प्रशिक्षण, और संभावित मानव-जनित कारणों (मानसिक या दुर्घटना संदर्शित) की भी गहन जाँच कर रही हैं ।
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यह प्रारंभिक रिपोर्ट बताती है कि विमान की दुर्घटना पायलटों द्वारा ईंधन कटऑफ़ के एक ही क्षण दोनों इंजनों में होने के कारण हुई – चाहे वह दुर्घटना हो या स्वेच्छुत हो। अब जांच को बिल्कुल स्पष्ट कारण और सुरक्षा प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करना है।