Emotional Intelligence & Power Skills: कामयाबी के लिए अब सिर्फ दिमाग नहीं, दिल भी चाहिए
आज के प्रोफेशनल और पर्सनल दुनिया में Emotional Intelligence (EI) यानी भावनात्मक बुद्धिमत्ता और Power Skills यानी इंसानी क्षमताओं का सही संतुलन सफलता की असली पहचान बन चुका है। जहाँ पहले IQ (Intelligence Quotient) को ही सफलता का पैमाना माना जाता था, वहीं अब रिसर्च और इंडस्ट्री दोनों मानती हैं कि EQ यानी Emotional Intelligence ही वह असली शक्ति है जो आपको एक बेहतरीन नेता, सहयोगी और इंसान बनाती है। Emotional Intelligence का मतलब सिर्फ दूसरों की भावनाएं समझना नहीं, बल्कि अपनी भी भावनाओं को नियंत्रित करना, सही तरीके से प्रतिक्रिया देना और अपने संबंधों को मजबूती से संभालना होता है। इसी के साथ Power Skills – जैसे adaptability, empathy, communication, collaboration, और critical thinking – आज की डिजिटल और तेजी से बदलती दुनिया में सबसे ज्यादा मांग वाली क्षमताएं बन चुकी हैं।
Emotional Intelligence के पांच मुख्य तत्व होते हैं – Self-awareness, Self-regulation, Motivation, Empathy और Social Skills। जब कोई व्यक्ति इन पहलुओं में निपुण होता है, तो वह न केवल खुद को बेहतर तरीके से समझता है, बल्कि दूसरों की स्थिति को भी सही ढंग से परख सकता है। उदाहरण के लिए, एक टीम मीटिंग के दौरान अगर किसी का आइडिया reject हो जाता है और वह निराश हो जाता है, तो एक emotionally intelligent मैनेजर उस व्यक्ति की भावना को समझते हुए उसे सम्मान के साथ प्रतिक्रिया देगा और बेहतर तरीके से गाइड करेगा। यह skill केवल मैनेजमेंट में ही नहीं, बल्कि customer dealing, HR, teaching, health care और leadership जैसी हर फील्ड में ज़रूरी है।
Power Skills को पहले ‘Soft Skills’ कहा जाता था, लेकिन अब इन्हें ‘Power Skills’ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि ये किसी भी तकनीकी स्किल से ज्यादा असरदार साबित हो रही हैं। चाहे वो decision-making हो या resilience, negotiation हो या team coordination – Powe
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