दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंचा – बाढ़ का खतरा गहराया

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दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंचा – बाढ़ का खतरा गहराया

 

दिल्ली में यमुना नदी (Yamuna River) का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब यह खतरनाक स्तर से ऊपर पहुंच चुका है, जिसके कारण राजधानी में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है और प्रशासन ने नदी किनारे बसे इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों में हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, जिससे यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

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दिल्ली सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोहे का पुल, कश्मीरी गेट, यमुनापार इलाके, आईटीओ और मजनू का टीला जैसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा सबसे ज्यादा है। कई जगहों पर पानी पहले ही घुसने लगा है और लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे हैं। प्रशासन ने स्कूलों और सामुदायिक भवनों में अस्थायी राहत शिविर बनाने के आदेश दिए हैं।

 

मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर भारत में हो रही भारी बारिश के कारण जलस्तर और बढ़ सकता है। अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं थमी तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। इसी को देखते हुए एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें भी तैनात कर दी गई हैं ताकि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

 

राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा गरमाने लगा है। दिल्ली सरकार का कहना है कि केंद्र को इस मामले में तुरंत दखल देना चाहिए और हरियाणा से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा को नियंत्रित करने पर बातचीत होनी चाहिए। वहीं विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली सरकार समय रहते तैयारी नहीं कर पाई और अब लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 

सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। ट्विटर और फेसबुक पर #YamunaFlood और #DelhiFloodAlert ट्रेंड कर रहे हैं। लोग प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्यों को तेज किया जाए। वहीं कई लोग नदी किनारे की लाइव तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं, जिनमें पानी का तेज बहाव और डूबते इलाके साफ दिखाई दे रहे हैं।

 

इतिहास पर नजर डालें तो हर साल मॉनसून के दौरान यमुना का जलस्तर बढ़ता है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। 1978 और 2013 में भी यमुना के खतरे के निशान पार करने से दिल्ली में भारी तबाही हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ने की एक बड़ी वजह अतिक्रमण और अनियोजित शहरीकरण भी है।

 

कुल मिलाकर, दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच जाना राजधानी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन समय रहते राहत और बचाव कार्यों को कितनी तेजी से अंजाम देता है और बाढ़ जैसी स्थिति से लोगों को कैसे बचाया जाता है

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