भारत में 10 नए परमाणु रिएक्टरों पर काम शुरू — स्वच्छ ऊर्जा की दिश
भारत ने स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 10 नए परमाणु रिएक्टरों पर काम शुरू करने का ऐलान किया है, सरकार का कहना है कि यह “मेगा प्लान” देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा, प्रधानमंत्री और ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त बयान में कहा गया कि इन रिएक्टरों का उद्देश्य भारत को न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाना है बल्कि 2070 तक “नेट ज़ीरो एमिशन” के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करना भी है, परमाणु ऊर्जा को स्वच्छ और दीर्घकालिक स्रोत माना जाता है क्योंकि यह कोयला और गैस की तरह कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन नहीं करती, यही वजह है कि सरकार अब बड़े पैमाने पर न्यूक्लियर पावर की ओर रुख कर रही है।
इन 10 नए रिएक्टरों की क्षमता लगभग 700 मेगावाट से लेकर 1000 मेगावाट तक होगी और इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित किया जाएगा ताकि क्षेत्रीय स्तर पर बिजली की मांग को संतुलित किया जा सके, शुरुआती जानकारी के अनुसार कुछ रिएक्टर राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लगाए जाएंगे, इसके अलावा तटीय राज्यों में भी नए रिएक्टर प्रस्तावित हैं ताकि समुद्री जल का इस्तेमाल रि