भारत–चीन सीमा व्यापार फिर से शुरू: सीमा पार उड़ानों और कारोबारी गतिविधियों को हरी झंडी
भारत और चीन के बीच लंबे समय से तनाव और कूटनीतिक मतभेदों के चलते ठप पड़ा सीमा व्यापार अब दोबारा शुरू हो गया है। दोनों देशों ने आपसी बातचीत और कई दौर की बैठकों के बाद इस पर सहमति जताई है कि सीमा पार व्यापारिक गतिविधियां, यात्राएं और उड़ानें फिर से खोली जाएंगी। इस ऐतिहासिक फैसले को न केवल दोनों देशों के कारोबारी वर्ग ने राहत के तौर पर देखा है बल्कि रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम एशियाई अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकता है।
सूत्रों के अनुसार, भारत और चीन ने सीमा पार व्यापार को चरणबद्ध तरीके से खोलने का फैसला किया है। पहले चरण में सीमावर्ती राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और लद्दाख के पारंपरिक व्यापारिक मार्गों को खोला जाएगा ताकि स्थानीय व्यापारी अपनी गतिविधियां पुनः शुरू कर सकें। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सीमित संख्या में डायरेक्ट फ्लाइट्स की भी इजाज़त दी गई है जिससे कारोबारी प्रतिनिधिमंडल और यात्रियों की आवाजाही आसान होगी। यह कदम कोविड-19 महामारी और सीमा पर सैन्य तनाव के बाद पहली बार उठाया गया है जब दोनों देशों ने स्पष्ट तौर पर व्यापारिक रिश्तों को बहाल करने की दिशा में पहल की है।
व्यापारिक जगत का कहना है कि इस फैसले से खासतौर पर फार्मास्युटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पाद, वस्त्र और मशीनरी जैसे क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इन वस्तुओं के आयात-निर्यात पर भारी असर पड़ा था और कीमतें भी बढ़ गई थीं। व्यापारियों का मानना है कि सीमा व्यापार के दोबारा खुलने से न केवल लागत घटेगी बल्कि रोजगा
र के