रामनगर में वन विभाग और जनता आए एक साथ: ‘रेंज दिवस’ पर वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि को रोकने की बनी रणनीति
अज़हर मलिक
रामनगर : वन संपदा की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से आज ग्राम जुड़का में ‘प्रभाग/रेंज दिवस’ का सफल आयोजन किया गया। वन क्षेत्राधिकारी (RO) धर्मानंद सुयाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने एक मंच पर आकर वनों के संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मौजूद वन दरोगा वीरेंद्र पांडे, प्रमोद पंत, मो. इमरान और जगजीत सिंह ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने तकनीकी बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि वनाग्नि (जंगलों की आग) को रोकने के लिए शुरुआती कदम कैसे उठाए जाएं और वन्यजीवों के आमद वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के क्या मानक अपनाए जाएं। ग्रामीणों को समझाया गया कि वनों की सुरक्षा में उनकी सहभागिता ही सबसे बड़ा बचाव है।
जुड़का बीट में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अपने अनुभवों के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए, जिन्हें विभाग ने भविष्य की कार्ययोजना में शामिल करने का भरोसा दिया। वन क्षेत्राधिकारी धर्मानंद सुयाल ने कहा कि विभाग और जनता के बीच की यह दूरी कम होने से न केवल वन्यजीवों का संरक्षण होगा, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में भी सुरक्षा का भाव बढ़ेगा।