डिप्टी सीएमओ या ‘इस्वा’ के सिपहसालार? डॉ. लईक अहमद के रसूख और सांठगांठ का सबसे बड़ा सबूत आया सामने! इस्वा के फेसबुक अकाउंट पर डिप्टी CMO का नंबर है सार्वजनिक
शानू कुमार / ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली। ‘द ग्रेट न्यूज’ की खोजी पड़ताल में एक ऐसा तथ्य सामने आया है जो बरेली के डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। स्वास्थ्य विभाग की गरिमा को ताक पर रखकर एक विशेष समुदाय की संस्था इस्वा (ISWA) के लिए काम करने के आरोपों को अब सोशल मीडिया ने ही पुख्ता कर दिया है। इस्वा के आधिकारिक फेसबुक पेज पर संपर्क के लिए जो मोबाइल नंबर दिया गया है, वह किसी और का नहीं बल्कि स्वयं डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद का है।
सवाल यह है कि एक जिम्मेदार सरकारी पद पर बैठा अधिकारी किसी निजी संस्था के लिए अपना नंबर क्यों और कैसे दे सकता है? क्या यह सीधे तौर पर सरकारी पद का दुरुपयोग और निजी संस्था की ‘मार्केटिंग’ नहीं है?
याद रहे कि साल 2023 में संस्था के गठन के वक्त डॉ. लईक अहमद इसमें ‘कोषाध्यक्ष’ की भूमिका में थे। हालांकि मीडिया में मामला उछलने पर उन्होंने पद छोड़ने का नाटक तो किया, लेकिन पर्दे के पीछे का खेल आज भी जारी है। वहीं एसोसियेशन में डॉ. फिरासत अंसारी और वर्तमान अध्यक्ष अय्यूब अंसारी के साथ उनकी यह जुगलबंदी अब जगजाहिर हो चुकी है। सरकारी कुर्सी पर बैठकर निजी अस्पतालों को संरक्षण देना और एक खास सिंडिकेट को बढ़ावा देना डॉ. अहमद की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।
योगी सरकार जहां भ्रष्टाचार और निजी प्रैक्टिस पर नकेल कस रही है, वहीं बरेली में डिप्टी सीएमओ का नंबर निजी संस्था के पेज पर चमकना विभाग की निष्पक्षता पर कालिख पोत रहा है।
द ग्रेट न्यूज की पड़ताल: यह तो महज एक नंबर है, अभी कई ऐसे ‘कॉल रिकॉर्ड्स’ और ‘टेबल के नीचे के खेल’ बाकी हैं जो आने वाले समय में बरेली स्वास्थ्य विभाग में भूचाल ला देंगे। ‘द ग्रेट न्यूज’ की टीम इस गठजोड़ की तह तक जा रही है। बहुत जल्द हम आपके सामने वो तथ्य लाएंगे जिनसे यह साफ हो जाएगा कि कैसे सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल निजी तिजोरियां भरने और खास एजेंडे को चलाने में किया जा रहा है। जुड़े रहिए हमारे साथ… क्योंकि अब खेल और खिलाड़ी दोनों बेनकाब होंगे।