29 फरवरी: वह तारीख जो 4 साल में एक बार आती है
दुनिया भर के कैलेंडरों में 29 फरवरी एक ऐसी अनोखी तारीख है, जो हर साल नहीं आती। इसे ‘लीप डे’ (Leap Day) कहा जाता है। आइए जानते हैं इस दिन के पीछे का विज्ञान और रोचक तथ्य।
1. आखिर 29 फरवरी क्यों आती है?
सामान्य तौर पर एक साल में 365 दिन होते हैं, लेकिन असल में पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर लगाने में 365.2422 दिन (लगभग 365 दिन और 6 घंटे) लगते हैं।
समय का तालमेल: अगर हम हर साल सिर्फ 365 दिन ही गिनें, तो हर साल लगभग 6 घंटे का अंतर रह जाएगा।
गणित: 4 सालों में यह 6-6 घंटे जुड़कर 24 घंटे बन जाते हैं।
समाधान: कैलेंडर को मौसम और सौर मंडल के साथ सही रखने के लिए हर चौथे साल में एक अतिरिक्त दिन (29 फरवरी) जोड़ दिया जाता है।
2. लीप ईयर (Leap Year) को कैसे पहचानें?
किसी भी साल को लीप ईयर है या नहीं, यह जानने का एक सरल तरीका है:
नियम 1: यदि साल की संख्या 4 से पूरी तरह विभाजित हो जाए (जैसे 2024, 2028), तो वह लीप ईयर है।
अपवाद (शताब्दी वर्ष): जो साल 100 पर खत्म होते हैं (जैसे 1900, 2100), वे लीप ईयर तभी होंगे जब वे 400 से विभाजित हों। इसीलिए साल 2000 लीप ईयर था, लेकिन 2100 नहीं होगा।
3. रोचक जानकारी
विशेषता विवरण
कुल दिन लीप ईयर में 366 दिन होते हैं।
नाम इस दिन जन्म लेने वालों को ‘Leaplings’ कहा जाता है।
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