अल्हम्दु शरीफ हिंदी में

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अल्हम्दु शरीफ हिंदी में: सूरह अल-फातिहा का अर्थ और महत्व

अल्हम्दु शरीफ, जिसे कुरान मजीद की पहली सूरह “सूरह अल-फातिहा” के नाम से जाना जाता है, इस्लाम में अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर नमाज में इसे पढ़ना अनिवार्य है। इस लेख में हम अल्हम्दु शरीफ को हिंदी (Alhamdu Sharif in Hindi) में पेश कर रहे हैं ताकि जो लोग अरबी नहीं जानते, वे इसे आसानी से समझ और याद कर सकें।

 

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: Alhamdu Sharif Hindi Me (अरबी और हिंदी लिप्यंतरण)

यहाँ सूरह फातिहा की आयतें दी गई हैं:

 

अरबी (Arabic) हिंदी उच्चारण (Hindi Transliteration)

بِسْمِ اللهِ الرَّحْمٰنِ الرَّहِيْمِ बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ رَبِّ الْعٰلَمِيْنَ अल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन

الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ अर-रहमानिर रहीम

مٰلِكِ يَوْمِ الدِّيْنِ मालिकि यौमिद्दीन

اِيَّاكَ نَعْبُدُ وَ اِيَّاكَ نَسْتَعِيْنُ इय्याका नाबुदु व इय्याका नस्तईन

اِهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيْمَ इहदिनस सिरातल मुस्तकीम

صِرَاطَ الَّذِيْنَ اَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ सिरातल लजीना अन-अमता अलैहिम

غَيْرِ الْمَغْضُوْبِ عَلَيْهِمْ وَ لَا الضَّآلِّيْنَ गैरिल

 

https://www.thegreatnews.in/bharat/alhamdu-sharif-know-hindi-translation-and-importance-of-the-verses-of-surah-fatiha/

 

अल्हम्दु शरीफ का हिंदी अनुवाद (Translation)

अल्लाह के नाम से शुरू जो बहुत मेहरबान और निहायत रहम वाला है।

सब तारीफें अल्लाह के लिए हैं जो तमाम जहानों का रब है।

जो बहुत मेहरबान और निहायत रहम वाला है।

जो रोज-ए-जज़ा (इंसाफ के दिन) का मालिक है।

(ऐ अल्लाह!) हम तेरी ही इबादत करते हैं और तुझ ही से मदद मांगते हैं।

हमें सीधा रास्ता दिखा।

उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम किया, न कि उनका जिन पर तेरा गजब हुआ और न ही गुमराहों का।

 

 

सूरह अल-फातिहा (अल्हम्दु शरीफ) के फायदे और फ़ज़ीलत

अल्हम्दु शरीफ को ‘सूरह शिफा’ भी कहा जाता है। इसके कुछ मुख्य फायदे नीचे दिए गए हैं:

नमाज का अटूट हिस्सा: इसके बिना कोई भी नमाज पूरी नहीं होती।

बीमारियों से शिफा: हदीस के अनुसार, इसे पढ़कर दम करने से अल्लाह बीमारियों से शिफा अता फरमाता है।

मुश्किलों का हल: जो शख्स सुबह की नमाज के बाद इसे पढ़ता है, अल्लाह उसकी रोजी में बरकत देता है।

सुकून-ए-कल्ब: इसे पढ़ने से दिल को सुकून मिलता है और बुरी नजर से हिफाजत होती है।

H2: FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. अल्हम्दु शरीफ में कितनी आयतें हैं?

उत्तर: इसमें कुल 7 आयतें हैं।

Q2. क्या नमाज में अल्हम्दु शरीफ पढ़ना जरूरी है?

उत्तर: हाँ, हर रकात में सूरह फातिहा पढ़ना वाजिब/जरूरी है।

Q3. इसे सूरह अल-फातिहा क्यों कहते हैं?

उत्तर: ‘फातिहा’ का अर्थ है ‘खोलने वाली’। चूंकि कुरान की शुरुआत इसी से होती है, इसलिए इसे फातिहा कहा जाता है।

https://www.thegreatnews.in/bharat/alhamdu-sharif-know-hindi-translation-and-importance-of-the-verses-of-surah-fatiha/

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