लालकुआँ में कल से सजेगा पांच दिवसीय ‘उत्तरायणी कौतिक’, गोलू देवता का डोला होगा मुख्य आकर्षण
मुकेश कुमार
लालकुआँ: लालकुआँ के इंटर कॉलेज मेला ग्राउंड में कल, 11 जनवरी 2026 से भव्य पांच दिवसीय उत्तरायणी मेले का आगाज़ होने जा रहा है। इस उत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 15 जनवरी तक चलने वाले इस ‘कौतिक’ में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और खेलकूद का संगम देखने को मिलेगा।
कल दोपहर 2 बजे होगा भव्य उद्घाटन
मेले का विधिवत उद्घाटन रविवार दोपहर 2 बजे किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल मौजूद रहेंगे। विशिष्ट अतिथियों में भाजपा के पूर्व विधायक नवीन चन्द्र दुम्का, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेन्द्र बोरा और पूर्व चेयरमैन रामबाबू मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
मेले के मुख्य आकर्षण और कार्यक्रम
उत्तरायणी मेला समिति के अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट ने बताया कि इस पांच दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन राज्य के ख्याति प्राप्त और स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: झोड़ा, चांचरी, जौनसारी, कुमाऊँनी और गढ़वाली लोकनृत्यों की प्रस्तुति होगी।
खेलकूद: मेले के पहले दिन वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
परंपरा: मांदर और ढोल की थाप पर स्थानीय वाद्ययंत्रों की गूँज पूरे मेला परिसर को जीवंत बनाएगी।
व्यंजन: क्षेत्रीय व्यंजनों के स्टॉल भी आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण होंगे।
गोलू देवता की भव्य शोभायात्रा
इस वर्ष मेले का सबसे विशेष आकर्षण न्याय के देवता श्री गोलू (गोल्जयू) भगवान का भव्य डोला होगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर यह मेला अपने चरम पर होगा, जब गोलू देवता की डोली के साथ पूरे नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा आस्था, लोक विश्वास और सांस्कृतिक समन्वय का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगी।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
समिति के अध्यक्ष ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने लोकदेवताओं, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मेले की शोभा बढ़ाएं और अपनी लोक संस्कृति का आनंद लें। श्रद्धालुओं के लिए मेला समिति द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।