अस्पताल के बाहर दो नामों का खेल! ‘मैक्सालाइफ’ बनाम ‘मैक्सलाइफ’ से बरेली में मचा भ्रम, डॉ. लईक अहमद की निगरानी फेल! अस्पताल में दो नामों का खुला खेल।

Advertisements

अस्पताल के बाहर दो नामों का खेल! ‘मैक्सालाइफ’ बनाम ‘मैक्सलाइफ’ से बरेली में मचा भ्रम, डॉ. लईक अहमद की निगरानी फेल! अस्पताल में दो नामों का खुला खेल।

शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश 

बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र अंतर्गत ईसाइयों पुलिया के पास स्थित एक निजी अस्पताल इन दिनों विवादों में घिर गया है। अस्पताल के बाहर लगे बोर्डों पर दो अलग-अलग नाम दिखाई दे रहे हैं — कहीं ‘मैक्सालाइफ’ तो कहीं ‘मैक्सलाइफ’ लिखा हुआ है। इस विरोधाभास ने आम जनता के साथ-साथ मरीजों को भी असमंजस में डाल दिया है।

Advertisements

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल टाइपिंग की गलती नहीं बल्कि ब्रांड नकल और भ्रामक प्रचार का गंभीर मामला हो सकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या अस्पताल ने जानबूझकर नाम में हेरफेर कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है?

 

 

जानकारों के मुताबिक किसी भी चिकित्सा संस्थान का नाम, पंजीकरण, बोर्ड और प्रचार सामग्री एक-समान होना अनिवार्य होता है। यदि अलग-अलग नामों का इस्तेमाल किया जा रहा है तो यह स्वास्थ्य विभाग के नियमों की खुली अवहेलना मानी जा सकती है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे मामले पर अब तक स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी सवालों के घेरे में है। न कोई निरीक्षण, न कोई स्पष्टीकरण, और न ही किसी तरह की कार्रवाई।

 

 

यह अस्पताल सपा नेता डॉ. अनीस बेग से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है। विपक्षी खेमे में इसको लेकर अंदरखाने चर्चाएं तेज हो गई हैं।

 

 

स्थानीय नागरिकों की मांग है कि तत्काल जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि अस्पताल का वास्तविक नाम क्या है, उसका पंजीकरण किस नाम से है और क्या किसी ब्रांड की नकल कर जनता को भ्रमित किया जा रहा है।

 

 

अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो यह मामला बड़े प्रशासनिक और कानूनी विवाद का रूप ले सकता है।

Advertisements
THE GREAT NEWS

THE GREAT NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *