UCC का क्रांतिकारी असर: उत्तराखंड में विवाह पंजीकरण ने रचा इतिहास, मुख्यमंत्री धामी ने देश के सामने पेश की विकास और समानता की नई मिसाल
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के लागू होने के बाद एक बड़ा सामाजिक और प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जहाँ राज्य में विवाह पंजीकरण की संख्या में 24 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है
कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने न केवल UCC को पारित किया, बल्कि उसे प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारकर यह साबित कर दिया कि यह कानून समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं को कानूनी सुरक्षा और समान अधिकार देने की दिशा में एक मील का पत्थर है। पंजीकरण के इन आंकड़ों ने उन तमाम आशंकाओं को खारिज कर दिया है जो इसके क्रियान्वयन को लेकर उठाई जा रही थीं। मुख्यमंत्री धामी ने इस मॉडल के जरिए अन्य राज्यों के लिए एक ऐसी नजीर पेश की है, जो कानून की स्पष्टता और प्रशासनिक दृढ़ता का उत्कृष्ट उदाहरण है। आज उत्तराखंड का युवा वर्ग इस कानून को अपनी सुरक्षा और भविष्य के लिए एक बड़े वरदान के रूप में देख रहा है, जिससे न केवल सामाजिक ढांचा मजबूत हो रहा है बल्कि कानूनी प्रणालियों में पारदर्शिता भी आई है
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