नैनीताल में कड़ाके की ठंड का ‘कोल्ड-अटैक’: स्कूलों और आंगनबाड़ियों में दो दिन की छुट्टी घोषित, बच्चों की मौज और मम्मी की शामत!
नैनीताल जिले के नन्हे-मुन्नों के लिए तो आज जैसे ‘लॉटरी’ लग गई है! कड़ाके की ठंड और पहाड़ों से आती बर्फीली हवाओं के बीच जिलाधिकारी महोदय ने बच्चों के ठिठुरते हाथों और कांपती नाक को देखते हुए जिले की कुछ तहसीलों में दो दिन की छुट्टी का सरकारी फरमान जारी कर दिया है। जैसे ही यह खबर वॉट्सऐप ग्रुप्स पर फैली, घरों के नजारे ही बदल गए। बच्चे घर के कोने-कोने में “मम्मी-मम्मी, कल स्कूल नहीं जाना, कल छुट्टी है!” चिल्लाते हुए ऐसे भागे, मानो उन्हें कोई खजाना मिल गया हो। वहीं दूसरी ओर, मम्मी-पापा की ‘टेंशन’ बढ़ गई है, क्योंकि अब अगले दो दिन तक घर में मोगली और शिनचैन का शोर गूंजने वाला है और रसोई से फरमाइशें खत्म होने का नाम नहीं लेंगी।
यह आदेश नैनीताल जिले की उन तहसीलों के लिए जारी किया गया है जहाँ पारा गिरकर शून्य के करीब पहुँच रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, अर्द्ध-सरकारी और निजी स्कूल अगले दो दिनों तक बंद रहेंगे। हालांकि, शिक्षकों के लिए कोई ‘मौज’ नहीं है, उन्हें शायद ड्यूटी पर डटे रहना होगा। बच्चों ने तो अपनी किताबें और बस्ते एक तरफ फेंक कर रजाई के अंदर दुबकने और गरमा-गरम पकौड़ों की तैयारी शुरू कर दी है। जो बच्चे सुबह 6 बजे अलार्म की आवाज सुनकर मुंह फुलाते थे, अब वो दो दिन तक बड़े आराम से खर्राटे भरने की प्लानिंग कर चुके हैं।
प्रशासन का यह फैसला उन नन्हे-मुन्नों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है जो सुबह-सुबह कोहरे और हाड़ कपा देने वाली ठंड में स्कूल जाने को मजबूर थे। आदेश जारी होने के बाद से ही बच्चों के चेहरों की मुस्कान बता रही है कि उनके लिए यह दो दिन किसी त्योहार से कम नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि दो दिन की इस छुट्टी के बाद जब दोबारा स्कूल खुलेगा, तो बच्चे किस ‘भारी मन’ से वापस अपना बस्ता उठाएंगे। फिलहाल तो नैनीताल की तहसीलों में ‘छुट्टी-उत्सव’ मनाया जा रहा है और बच्चे अपनी मम्मी को यह याद दिलाना नहीं भूल रहे कि “कल सुबह जल्दी मत उठाना, कल तो छुट्टी है!”