लालकुआं में अवैध शराब के तांडव पर सत्तापक्ष और विपक्ष एक सुर, सफेदपोशों के संरक्षण पर समाजसेवियों ने खोला मोर्चा
मुकेश कुमार
लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में जड़ें जमा चुके अवैध शराब और नशे के काले कारोबार ने अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक मंचों तक खलबली मचा दी है। नशे की बढ़ती गिरफ्त को लेकर जहाँ कांग्रेस ने हमलावर रुख अपनाते हुए सीधे तौर पर सत्ताधारी नेताओं पर संरक्षण देने का आरोप जड़ा है, वहीं भाजपा के पूर्व विधायक ने भी अपनी ही सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाकर हड़कंप मचा दिया है।
दरअसल, बीते दिनों स्थानीय युवाओं द्वारा भारी मात्रा में पकड़ी गई अवैध शराब के बाद क्षेत्र का माहौल गरमा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरेंद्र बोरा और प्रदेश सचिव हेमवती नंदन दुर्गापाल ने तीखे शब्दों में कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें नशे के दलदल में धकेला जा रहा है, जहाँ पुलिस चौकियों की मौजूदगी के बावजूद माफिया गांव-गांव तक जहर पहुंचा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि भाजपा के पूर्व विधायक नवीन चंद्र दुम्का ने भी इस चिंता को जायज ठहराते हुए माना कि प्रशासन और नेताओं की मिलीभगत से यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पुलिस के उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाएंगे। दूसरी ओर, युवाओं और समाजसेवियों का आक्रोश सातवें आसमान पर है; समाजसेवी पीयूष जोशी ने दोटूक कहा है कि बिना ‘सफेदपोश’ संरक्षण के यह संभव नहीं है और अब वे नशे को शह देने वाले ऐसे नेताओं के पोस्टर जारी कर उनके असली चेहरे जनता के सामने बेनकाब करेंगे
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