पौधे हाथ में और सस्पेंस कान में! विधायक चीमा और मेयर बाली की ‘कानाफूसी’ ने जनता का ‘अट्रैक्शन’ लूटा!
अज़हर मलिक
काशीपुर : नगर निगम के एक साल बेमिसाल होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य कार्यक्रम में उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब मंच पर चल रहे आधिकारिक कार्यक्रम से ज्यादा चर्चा वहां मौजूद दो दिग्गज शख्सियतों के बीच हो रही गुप्त मंत्रणा की होने लगी। एक तरफ मंच से शहर के गणमान्य लोगों को सम्मानजनक तरीके से छोटे-छोटे पौधे भेंट किए जा रहे थे,
जो शहर की हरियाली और खुशहाली का प्रतीक बन रहे थे, लेकिन दूसरी तरफ जनता और मीडिया का पूरा ‘अट्रैक्शन’ विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और महापौर दीपक बाली की तरफ मुड़ गया। कार्यक्रम अपनी पूरी गरिमा के साथ आगे बढ़ रहा था, पर इन दोनों नेताओं के बीच हो रही लगातार कानाफूसी ने पूरे हॉल में सस्पेंस का माहौल पैदा कर दिया। लोग एक-दूसरे की तरफ देख रहे थे और मन ही मन सवाल कर रहे थे कि आखिर इस कानाफूसी के पीछे की असली वजह क्या है? क्या ये बातचीत शहर की सूरत बदलने वाले किसी बड़े प्रोजेक्ट को लेकर है, या फिर राजनीति की बिसात पर कोई नई चाल चली जा रही है? हैरानी की बात यह थी कि कार्यक्रम के बीचों-बीच दोनों नेता एक-दूसरे के इतने करीब होकर चर्चा कर रहे थे कि आसपास की तालियों की गड़गड़ाहट भी उनकी बातों में खलल नहीं डाल पा रही थी।
लोग पौधों के वितरण को भूलकर बस इस ‘सीक्रेट टॉक’ का मतलब निकालने में जुट गए। माहौल को देखकर ऐसा लग रहा था मानो शहर के विकास का कोई नया और बड़ा अध्याय इन्हीं गुपचुप बातों के बीच लिखा जा रहा हो। अब इस कानाफूसी का असली नतीजा क्या निकलेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल इस घटना ने पूरे शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है और हर कोई बस यही जानना चाहता है कि आखिर उस पल मंच पर विधायक और महापौर के बीच ऐसी क्या ‘इंपॉर्टेंट’ बात हुई जिसने पूरी महफिल का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।