काशीपुर का कायाकल्प: धामी और बाली की जोड़ी ने पेश की विकास की नई मिसाल, बिना कर बढ़ाए बढ़ा राजस्व
अज़हर मलिक
उत्तराखंड के विकास मानचित्र पर काशीपुर इन दिनों एक ऐसे मॉडल के रूप में उभर रहा है, जहाँ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन और महापौर दीपक बाली का प्रबंधन मिलकर सफलता की नई कहानी लिख रहे हैं। नगर निगम काशीपुर के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में जो प्रगति रिपोर्ट सामने आई है, वह प्रदेश के अन्य निकायों के लिए भी एक नजीर है। पिछले एक वर्ष के भीतर शहर में करीब 121 करोड़ रुपये की लागत वाली 798 योजनाओं को धरातल पर उतारा गया है, जबकि कई बड़ी परियोजनाओं पर काम अभी भी युद्धस्तर पर जारी है।
नगर निगम की इस सफलता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक प्रबंधन रहा है। महापौर दीपक बाली के नेतृत्व में निगम की पूरी टीम ने जनता पर कर (Tax) का बोझ बढ़ाए बिना राजस्व बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक काम किया है। यही कारण है कि जो आय पहले 8.50 करोड़ रुपये के आसपास थी, वह अब डेढ़ करोड़ से ज्यादा के इजाफे के साथ 10.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। विकास की इस गति को और तेज करने के लिए आगामी वर्ष में आय को 25 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सबसे राहत की बात यह है कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आम जनता की जेब पर कोई अतिरिक्त भार नहीं डाला जाएगा।
शहरी विकास के बजट में हुई बढ़ोतरी ने भी काशीपुर के विकास को नए पंख लगाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विकास कार्यों के लिए खोला गया खजाना और महापौर दीपक बाली द्वारा उसका जमीनी क्रियान्वयन, आज शहर के कोने-कोने में चमकता नजर आ रहा है। कुल मिलाकर, धामी और बाली की यह जुगलबंदी काशीपुर में विकास का नया अध्याय लिख रही है। यह प्रभावी तालमेल न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है, बल्कि यह भी साबित कर रहा है कि यदि नेतृत्व दूरदर्शी हो तो संसाधनों का सही उपयोग कर शहर की सूरत बदली जा सकती है। काशीपुर में हो रहा यह चौतरफा विकास भविष्य के एक समृद्ध और आधुनिक शहर की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।