संपत्ति विवरण में लापरवाही पड़ी भारी, रोडवेज के 552 कर्मचारियों का वेतन रोका
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर
बरेली: सरकारी आदेशों की अनदेखी करना रोडवेज अधिकारियों और कर्मचारियों को भारी पड़ गया। चल-अचल संपत्ति का विवरण समय पर दर्ज न कराने के कारण बरेली रोडवेज परिक्षेत्र में तैनात 552 अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामला यह है कि रोडवेज मुख्यालय के निर्देश पर 28 जनवरी को समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को 31 जनवरी तक मानव संसाधन पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा अपलोड करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई थी कि आदेश का पालन न होने पर वेतन रोकने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके बावजूद बरेली, रुहेलखंड, बदायूं और पीलीभीत डिपो में तैनात अधिकांश अधिकारी-कर्मचारियों ने लापरवाही बरती। बताया जा रहा है कि सर्विस बुक और संपत्ति विवरण की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे लिपिकों ने भी समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों का विवरण दर्ज नहीं हो सका।
जानकारी के मुताबिक, सिर्फ 35 अधिकारियों-कर्मचारियों ने ही समय पर अपनी संपत्ति का विवरण दर्ज कराया, जबकि बाकी ने आदेश को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद क्षेत्रीय प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए संपत्ति विवरण लंबित रखने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, चालकों और परिचालकों के वेतन पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए।
मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित डिपो के पटल लिपिकों से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जब तक संपत्ति का पूरा विवरण पोर्टल पर अपडेट नहीं किया जाता, तब तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद रोडवेज कर्मचारियों में खलबली मची हुई है और अब तेजी से संपत्ति विवरण दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।