किसे कहते हैं अलविदा जुमा और क्यों है यह खास? जानें जुमतुल विदा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात
अगर आप इंटरनेट पर सर्च कर रहे हैं कि ‘अलविदा जुमा’ क्या है, तो आप अकेले नहीं हैं। हर साल लाखों लोग इस खास दिन की परिभाषा और इसके इतिहास को जानने के लिए उत्साहित रहते हैं।
‘अलविदा जुमा’ अरबी शब्द ‘जुमतुल विदा’ का हिंदी/उर्दू रूपांतरण है। ‘जुमा’ का अर्थ है शुक्रवार और ‘विदा’ का अर्थ है विदाई। यानी रमजान के पवित्र महीने का वह आखिरी शुक्रवार जो विदा हो रहा है। इस्लाम में शुक्रवार को ‘सय्यदुल अय्याम’ (दिनों का सरदार) कहा गया है। ऐतिहासिक रूप से, इस दिन का महत्व इसलिए है क्योंकि यह मुसलमानों को आत्म-निरीक्षण का मौका देता है कि उन्होंने पूरे रमजान में कितनी इबादत की। मान्यता है कि इस दिन जो भी सच्चे दिल से तौबा (माफी) करता है, अल्लाह उसके पिछले तमाम गुनाहों को माफ कर देता है। इसलिए इस दिन का इंतजार हर मोमिन को बेसब्री से रहता है।