चिता की आग ठंडी होने से पहले खुला ‘खौफनाक राज’: अंतिम विदाई के वक्त मासूम के जिस्म से रिसते खून ने खोली साज़िश की परतें!
मुकेश कुमार
नदी की लहरें अंतिम विदाई के लिए तैयार थीं, चिता सज चुकी थी और मासूम अयांश को पंचतत्व में विलीन करने की तैयारी थी, लेकिन तभी कुदरत ने कुछ ऐसा इशारा किया जिसने मातम को सनसनी और शक में बदल दिया। लालकुआं के गौला तट पर जो मंजर दिखा, उसने न सिर्फ एक पिता के कलेजे को छलनी कर दिया, बल्कि पूरी पुलिसिया थ्योरी पर भी सवाल खड़े कर दिए।
जिसे अब तक महज एक दुखद हादसा मानकर परिवार दफनाने चला था, शरीर पर उभरते खून के निशानों और गहरे जख्मों ने उसे एक खौफनाक ‘मर्डर मिस्ट्री’ की ओर मोड़ दिया है। मामा की शादी की खुशियां अभी घर की दहलीज से विदा भी नहीं हुई थीं कि 5 साल के मासूम का शव संदिग्ध हालात में तालाब में तैरता मिला, और यहीं से शुरू हुआ वह उलझा हुआ घटनाक्रम जिसने बिंदुखत्ता से लेकर उत्तर प्रदेश के मऊ तक हड़कंप मचा दिया है।
बिंदुखत्ता निवासी संजय सिंह का परिवार मऊ के कटिहारी गांव में एक शादी समारोह की रौनक बढ़ा रहा था, लेकिन 27 फरवरी की दोपहर 12 बजे अचानक गायब हुए 5 वर्षीय अयांश की तलाश ने खुशियों को चीखों में तब्दील कर दिया। घर से महज 100 मीटर दूर तालाब में बच्चे का शव मिलना पहली नजर में डूबने की घटना लगी, जिसके बाद परिजन शव को लेकर वापस लालकुआं आ गए। रहस्य की परतें तब खुलीं जब अंतिम संस्कार के वक्त मासूम के शरीर और संवेदनशील अंगों से खून रिसता दिखा। परिजनों के पांव तले जमीन खिसक गई और उन्होंने चिता जलाने के बजाय सीधे कोतवाली का रुख किया। अब इस मामले में लालकुआं पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर गेंद मऊ पुलिस के पाले में डाल दी है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और पुलिस की तफ्तीश ही अब यह साफ करेगी कि अयांश के साथ उस दोपहर तालाब किनारे क्या हुआ था, लेकिन फिलहाल इस इकलौते चिराग के बुझने से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है
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