जब सिस्टम सुस्त, तो सड़क पर उतरे लोग: रामनगर–हल्द्वानी हाईवे पर युवाओं ने खुद भरे गड्ढे, दिया सुरक्षा का संदेश।
सलीम अहमद साहिल
रामनगर: जहां एक तरफ जिम्मेदार विभागों की सुस्ती से हाईवे पर गड्ढे हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रामनगर के कुछ जागरूक युवा इस लापरवाही के खिलाफ खुद मैदान में उतर आए हैं। रामनगर–हल्द्वानी नेशनल हाईवे पर बैलपड़ाव के पास, जहां सड़क की हालत लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही थी, वहां राहुल सिंह दरम्वाल और उनकी टीम ने खुद गड्ढे भरकर न सिर्फ सड़क को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया, बल्कि एक मजबूत सामाजिक संदेश भी दिया।

यह पहल केवल गड्ढे भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस सोच का प्रतीक है जिसमें आम लोग अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए खुद आगे आ रहे हैं। हजारों वाहनों के दबाव वाले इस व्यस्त हाईवे पर रोजाना स्कूटी, बाइक, कार, बस और अन्य वाहनों से सफर करने वाले स्थानीय और बाहरी यात्रियों की जान जोखिम में थी। ऐसे में टीम का यह कदम सीधे तौर पर जनसुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
राहुल सिंह दरम्वाल का कहना है कि “यह सिर्फ सड़क सुधार का काम नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी बचाने का प्रयास है।” उन्होंने साफ तौर पर प्रशासन, पीडब्ल्यूडी और एनएच विभाग की जिम्मेदारी भी याद दिलाई और कहा कि ऐसी सड़कों को जल्द ठीक करना बेहद जरूरी है, ताकि बढ़ते सड़क हादसों और मौतों पर रोक लगाई जा सके।
दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल सिंह दरम्वाल और उनकी टीम ने ऐसा कदम उठाया हो। इससे पहले भी वे कई बार प्रशासनिक स्तर पर आवाज उठाने के साथ-साथ खुद मौके पर पहुंचकर सड़कों के गड्ढे भरते रहे हैं। यह मुहिम अब एक जनआंदोलन का रूप लेती दिख रही है, जिसमें सिस्टम की कमियों को जनता खुद भरने की कोशिश कर रही है।
यह तस्वीर साफ बताती है कि जब जिम्मेदारियां निभाने वाले पीछे हटते हैं, तो समाज के जिम्मेदार नागरिक आगे आकर बदलाव की मिसाल बनते हैं। अब देखना यह है कि इस पहल के बाद प्रशासन कब जागता है और इस हाईवे को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाता है।
इस सामाजिक पहल में राहुल सिंह दरम्वाल के साथ कमल रावत, कुलदीप बिष्ट, केशव बिष्ट, सौरभ छिमवाल (सन्नी), विशाल रावत, करन नेगी, गुड्डू अधिकारी, गोविंद खनायत, खीम खनायत, कप्तान सिंह, लोकश आर्य, सोनू तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे और सक्रिय रूप से योगदान दिया।



