नवजात बच्ची का शव मिलने से सनसनी, पुलिस सीमा विवाद में उलझी
आगरा के फ्रीगंज स्थित नीम दरवाजा क्षेत्र में नवजात बच्ची का शव मिलने के मामले ने इंसानियत को झकझोर दिया है। इस घटना में जहां एक ओर मासूम के साथ हुई बेरहमी ने लोगों को आक्रोशित किया, वहीं दूसरी ओर पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई।
घटना की सूचना मिलते ही थाना छत्ता और कोतवाली थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों थानों के बीच क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। दोनों पक्ष घटनास्थल को अपने क्षेत्र में न बताते हुए कार्रवाई से बचते रहे। इस खींचतान के चलते करीब दो घंटे तक नवजात का शव मौके पर ही पड़ा रहा।
मामला जब उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तब जाकर कोतवाली थाना पुलिस ने हस्तक्षेप किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
कोतवाली थाना प्रभारी भानु प्रताप के अनुसार, सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। शुरुआती जांच में शव नवजात बच्ची का पाया गया है, हालांकि मौत के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिस स्थान पर शव मिला, वहां हरीपर्वत थाना क्षेत्र, कोतवाली और छत्ता थाने की सीमाएं आपस में मिलती हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही।
जांच के दौरान एक अहम तथ्य यह भी सामने आया कि बच्ची की नाल अभी कटी नहीं थी और उस पर अस्पताल में लगाई जाने वाली पिन भी लगी हुई थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि बच्ची की मौत जन्म के दौरान या उसके तुरंत बाद ही हो गई होगी।
फिलहाल पुलिस आसपास के अस्पतालों और संदिग्ध परिस्थितियों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मासूम को आखिर किसने और किन हालात में यहां फेंका



