दिल्ली में जल संकट से राहत की बड़ी तैयारी! 101 जलाशयों के कायाकल्प का महाअभियान शुरू
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधु ने शुरू किया ‘जल संचय अभियान’, भूजल बचाने पर बड़ा फोकस
भीषण गर्मी और लगातार गहराते जल संकट के बीच दिल्ली में पानी बचाने और भूजल स्तर सुधारने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया गया है।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधु ने शनिवार को पश्चिम विहार के डिस्ट्रिक्ट पार्क से डीडीए के जल संचय अभियान का शुभारंभ किया।
इस अभियान के तहत पहले चरण में राजधानी के 101 प्रमुख जलाशयों का कायाकल्प किया जाएगा।
मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को सहेजकर जमीन के भीतर जा रहे भूजल स्तर को फिर से बढ़ाना है।
🌧️ मानसून से पहले पूरी होगी सफाई और खुदाई
उपराज्यपाल ने निर्देश दिए हैं कि 30 अगस्त तक हर हाल में इन सभी जलाशयों के जीर्णोद्धार का काम पूरा कर लिया जाए।
इसके लिए ड्रेजिंग, खुदाई और सफाई का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
जलाशयों के प्राकृतिक कैचमेंट चैनलों को भी साफ किया जा रहा है, ताकि मानसून की बारिश का पानी सीधे तालाबों तक पहुंचे और भूजल रिचार्ज हो सके।
🏞️ द्वारका और दक्षिण दिल्ली पर खास फोकस
डीडीए के पास कुल 822 जलाशय हैं, जिनमें से 424 को पुनर्जीवित करने के लिए चुना गया है।
पहले चरण में 101 जलाशयों पर तेजी से काम शुरू हुआ है।
- द्वारका जोन – 22 जलाशय
- रोहिणी – 17 जलाशय
- दक्षिण दिल्ली – 13 जलाशय
- नरेला – 6 जलाशय
जल संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों को प्राथमिकता दी गई है।
🌱 दूसरे चरण में लगेंगे छोटे STP और होगा पौधरोपण
अभियान के दूसरे चरण को मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस दौरान जलाशयों की फेंसिंग, तटबंध मजबूत करने और छोटे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाने की योजना है।
साथ ही जलाशयों के आसपास बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा, ताकि ये इलाके दिल्ली के ‘ग्रीन फेफड़ों’ की तरह काम कर सकें।
📍 नक्शे पर फिर लौटेंगे दिल्ली के पुराने तालाब
इस महाअभियान में द्वारका, बुराड़ी, नरेला, रोहिणी, कालकाजी, पश्चिम विहार, बवाना, तिहाड़, भलस्वा और घिटोरनी समेत दिल्ली के कई बड़े जल निकायों को नया जीवन दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह अभियान सफल रहा तो आने वाले वर्षों में दिल्ली के भूजल संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।



