सुस्त पड़े संगठन को दौड़ाने की तैयारी में सपा, अब जोन स्तर पर होगा मंथन, संगठनात्मक कवायद तेज, कार्यकर्ताओं को फिर सक्रिय करने की कोशिश, बूथ मजबूती और चुनावी रणनीति पर होगा मंथन, अंदरूनी निष्क्रियता पर भी रहेगा फोकस
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली : जिले में समाजवादी पार्टी ने संगठन को दोबारा जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के लिए व्यापक संगठनात्मक अभियान शुरू किया है। जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय की ओर से विधानसभा क्षेत्रों में जोन स्तर की बैठकों का कार्यक्रम जारी किया गया है। इन बैठकों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ सीधा संवाद कर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार मई और जून माह में जिले की कई विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग तिथियों पर बैठकें आयोजित होंगी। कार्यक्रम के मुताबिक 23 मई को आंवला विधानसभा के सिरौली जोन में सुबह 11 बजे तथा फरीदपुर विधानसभा के रजऊ जोन में दोपहर 2 बजे बैठक प्रस्तावित है।
इसके बाद 4 जून को नवाबगंज विधानसभा के सझुआ बाजार जोन और फरीदपुर विधानसभा के भुता जोन में बैठकें होंगी। वहीं 7 जून को बहेड़ी विधानसभा के दमखोदा क्षेत्र और भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक समीक्षा की जाएगी। 13 जून को बिथरी चैनपुर विधानसभा के विशारतगंज और आंवला विधानसभा के अलीगंज जोन में बैठकें प्रस्तावित हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इन बैठकों में बूथ कमेटियों की स्थिति, सक्रिय कार्यकर्ताओं की भूमिका, जनसंपर्क अभियान और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की जाएगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर निष्क्रिय इकाइयों को दोबारा सक्रिय करने और संगठन में समन्वय बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
माना जा रहा है कि जिले में पिछले कुछ समय से सपा की जमीनी सक्रियता पहले जैसी मजबूत नजर नहीं आ रही थी। कई क्षेत्रों में बूथ स्तर पर संगठन कमजोर पड़ने और कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में पार्टी अब छोटे-छोटे जोन स्तर तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं को दोबारा सक्रिय करने की रणनीति पर काम करती दिखाई दे रही है।
हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि यह नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है और कार्यकर्ताओं को लगातार जनता के बीच सक्रिय रखने के उद्देश्य से बैठकें आयोजित की जा रही हैं। फिलहाल कार्यक्रम जारी होने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बैठकों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।



