अब हर सोमवार मेट्रो से जाएंगे मंत्री-MLA और अफसर! दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, 2 दिन रहेगा Work From Home
अब दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक कम दिखेगा? क्या सरकारी दफ्तरों में काम करने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है? राजधानी दिल्ली में आज से एक नई शुरुआत हुई है, जिसने सरकारी सिस्टम से लेकर आम लोगों तक का ध्यान खींच लिया है। सोमवार को दिल्ली में पहला ‘मेट्रो मंडे’ लागू हो गया, जहां मंत्री, विधायक और बड़े अधिकारी तक मेट्रो से सफर करते नजर आ सकते हैं।
प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब हर बुधवार और शनिवार को सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम रहेगा, जबकि सोमवार को ‘मेट्रो मंडे’ मनाया जाएगा।
दिल्ली सरकार द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी मंत्री, विधायक और अधिकारी निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करें। सरकार का मानना है कि इससे ना सिर्फ ईंधन की बचत होगी, बल्कि दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या यानी ट्रैफिक जाम और प्रदूषण पर भी असर पड़ेगा।
दिल्ली सरकार ने सरकारी गाड़ियों के पेट्रोल कोटे में भी 20 फीसदी तक कटौती कर दी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी स्टाफ कारों के औसत पेट्रोल इस्तेमाल में कम से कम 20 प्रतिशत की कमी लाएं। इसके साथ ही कार पूलिंग और ‘नो व्हीकल डे’ जैसे अभियानों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
इतना ही नहीं, ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए दिल्ली सरकार और नगर निगम के दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया गया है। माना जा रहा है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में दूसरे राज्यों में भी इसी तरह के मॉडल लागू किए जा सकते हैं।
दिल्ली सरकार की इस नई पहल को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे पर्यावरण और ईंधन बचत की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत के रूप में देख रहे हैं।



