रवींद्र जडेजा के अचानक रिटायरमेंट पर अश्विन का बड़ा खुलासा – Border-Gavaskar Trophy से जुड़ी पूरी कहानी

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रवींद्र जडेजा के अचानक रिटायरमेंट पर अश्विन का बड़ा खुलासा – Border-Gavaskar Trophy से जुड़ी पूरी कहानी

 

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के अचानक रिटायरमेंट ने फैन्स को चौंका दिया था और सोशल मीडिया पर यह चर्चा का बड़ा विषय बन गया था। अब टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर आर. अश्विन ने एक इंटरव्यू में उस दौर की पूरी कहानी सामने रखी है, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे Border-Gavaskar Trophy के दौरान जडेजा का रिटायरमेंट का फैसला अचानक सामने आया और टीम के लिए भी यह किसी शॉक से कम नहीं था। अश्विन ने कहा कि जडेजा हमेशा से एक जुझारू खिलाड़ी रहे हैं और उनका टीम के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। लेकिन उस सीरीज के दौरान शारीरिक और मानसिक दबाव इतना बढ़ गया था कि उन्होंने अचानक संन्यास लेने का विचार बना लिया।

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अश्विन ने यह भी बताया कि जडेजा के इस फैसले के पीछे केवल चोट या फिटनेस की दिक्कत नहीं थी बल्कि मानसिक थकान और लगातार प्रदर्शन का बोझ भी बड़ी वजह बना। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में लंबे समय तक खेलते हुए और विदेशों में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए जडेजा कई बार दबाव में आए, मगर उन्होंने कभी इसे जाहिर नहीं होने दिया। Border-Gavaskar Trophy के दौरान टीम इंडिया का माहौल बेहद इमोशनल था क्योंकि उस वक्त हर खिलाड़ी सीरीज जीतने के लिए जी-जान लगा रहा था। लेकिन जडेजा ने अचानक ही ड्रेसिंग रूम में इस फैसले की चर्चा कर सभी को हैरान कर दिया।

 

अश्विन ने आगे कहा कि जडेजा टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक रहे हैं, चाहे बात गेंदबाजी की हो, बल्लेबाजी की या फिर फील्डिंग की। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार जीत दिलाई और उनकी जगह भरना आसान नहीं होगा। अश्विन के अनुसार, उस वक्त पूरी टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन जडेजा का मन बना हुआ था और उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने काफी सोच-समझकर लिया है।

 

जडेजा के रिटायरमेंट के बाद क्रिकेट जगत में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। फैन्स ने सोशल मीडिया पर उन्हें “सुपरस्टार ऑलराउंडर” और “Sir Jadeja” कहते हुए भावुक विदाई दी। वहीं क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जडेजा ने अगर कुछ और साल खेला होता तो वे कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते थे। अश्विन ने भी कहा कि उनके करियर को केवल आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता, क्योंकि उन्होंने टीम को मुश्किल हालात में बाहर निकालने का काम किया है।

 

अब देखना यह होगा कि जडेजा रिटायरमेंट के बाद क्रिकेट से किस तरह जुड़े रहते हैं – क्या वे कोचिंग, कमेंट्री या युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में अपना योगदान देंगे। लेकिन इतना तय है कि अश्विन का यह खुलासा उनके रिटायरमेंट के पीछे की असल कहानी को सामने लाता है और फैन्स के मन में उठ रहे कई सवालों का जवाब देता है।

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