ज्योतिर्मठ में निहंग सिखों का हमला – पुजारियों पर तलवारों से वार, पुलिस ने 7 को दबोचा
चमोली/ज्योतिर्मठ (1 जुलाई 2025): उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) में उस समय सनसनी फैल गई जब निहंग सिखों के एक समूह ने अचानक तलवारों से हमला कर दिया। यह हमला मुख्य आश्रम परिसर में हुआ, जहां पुजारियों और संतों पर मारपीट की गई। घटना के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और 7 निहंगों को गिरफ्तार किया गया है।
—
🕯️ क्या हुआ था घटनास्थल पर?
रविवार देर शाम 6 बजे के करीब निहंग सिखों का एक जत्था आश्रम पहुंचा
उन्होंने पहले मुख्य द्वार पर प्रवेश के लिए विवाद किया
जब उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने तलवारें निकाल लीं और पुजारियों पर हमला कर दिया
इस हिंसा में 3 पुजारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया
—
📹 वीडियो हुआ वायरल
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है
उसमें निहंग तलवारों से हवा में वार करते, और पुजारियों को पीटते दिख रहे हैं
यह वीडियो श्रद्धालुओं में भय और आक्रोश का कारण बना हुआ है
—
👮 पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही चमोली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची
घटनास्थल से 7 निहंग सिखों को हिरासत में लिया गया
उनके खिलाफ IPC की धारा 147, 148, 307, 295A और 153A के तहत मुकदमा दर्ज
इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात, किसी भी संगठन को आश्रम के पास नहीं जाने दिया जा रहा
—
🙏 पुजारी समुदाय में रोष
ज्योतिर्मठ के प्रमुख पुजारियों ने इस घटना को “सनातन धर्म पर सीधा हमला” बताया
उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक स्थल पर नहीं, बल्कि सद्भाव और विश्वास पर हमला है
आश्रम ने सरकार से Z सुरक्षा और स्थायी पुलिस चौकी की मांग की है
—
🔍 प्रशासन की प्रतिक्रिया
चमोली DM और SP ने आश्रम जाकर स्थिति का जायजा लिया
पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
राज्य सरकार ने कहा कि “धार्मिक स्थानों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी”
—
⚖️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भाजपा नेताओं ने इसे अराजकता और धार्मिक असहिष्णुता का उदाहरण बताया
कांग्रेस ने कहा कि “सरकार को पहले से इनपुट क्यों नहीं मिला?”
आम आदमी पार्टी ने घटना की निंदा करते हुए “धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा नीति” की मांग की
ज्योतिर्मठ में हुई यह घटना सिर्फ हिंसा नहीं, बल्कि धार्मिक सहिष्णुता और परंपरागत मूल्यों
पर गहरा आघात है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में कार्रवाई कितनी गहराई तक जाती है।