भारत एकता का सबूत” — बहुसांस्कृतिक मेलजोल की नई पहल का उद्घाटन
भारत विविधताओं का देश है, जहां भाषाएं, धर्म, संस्कृतियां और परंपराएं अलग-अलग होते हुए भी एक सूत्र में बंधी हैं और यही वजह है कि जब भी एकता की बात होती है तो भारत का नाम सबसे पहले आता है, इसी संदेश को और मज़बूत करने के लिए राजधानी दिल्ली में “भारत एकता का सबूत” नामक एक विशेष पहल का उद्घाटन किया गया है, इस नई पहल का मकसद है देश के विभिन्न हिस्सों की बहुसांस्कृतिक परंपराओं, रीति-रिवाजों और कलाओं को एक मंच पर लाकर युवाओं और आम जनता के बीच आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का भाव जगाना, इस आयोजन का शुभारंभ स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर किया गया और इसमें देशभर से आए कलाकारों, शिक्षाविदों, छात्रों और लोकल कम्युनिटी लीडर्स ने हिस्सा लिया,
इस कार्यक्रम में नृत्य, संगीत, नाटक, साहित्य और लोककला की झलक पेश की गई जहां उत्तर भारत के लोकगीतों से लेकर दक्षिण भारत के भरतनाट्यम, पूर्वोत्तर के बिहू डांस से लेकर पश्चिम भारत के गरबा और कव्वालियों से लेकर सूफी संगीत तक हर संस्कृति की छाप दिखाई दी, दर्शकों ने जब एक ही मंच पर इतनी विविधता का संगम देखा तो वे मंत्रमुग्ध हो गए और इसे सचमुच “Unity in Diversity” का जीता-जागता उदाहरण बताया,
पहल के आयोजकों ने बताया कि यह केवल एक कार्यक्रम भर नहीं बल्कि एक सतत अभियान है, जिसके अंतर्गत हर महीने अलग-अलग राज्यों में ऐसे सांस्कृतिक मिलन समारोह आयोजित किए जाएंगे, ताकि गांव-गांव और शहर-शहर तक यह संदेश पहुंचे कि भारत की असली ताकत इसकी एकता और विविधता में ही निहित है