उत्तराखंड में टैक्स चोरी का बड़ा खेल यूपी के इशारे पर चल रहा पूरा सिंडिकेट, सरकार को करोड़ों का चूना
अज़हर मलिक
उत्तराखंड में टैक्स चोरी का संगठित खेल जोरों पर है। उत्तर प्रदेश से ईंटों से लदी गाड़ियां सीमा पार कर उत्तराखंड में दाखिल होती हैं और फिर खनन सामग्री भरकर लौटती हैं। इस दौरान सीमा पर तैनात अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय आंख मूंदे बैठे हैं। इस खेल में उत्तर प्रदेश के कई रसूखदार लोगों के नाम जुड़े हैं, जो इस पूरे सिंडिकेट को चलाते हैं।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कपिल चौधरी, जो एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, और उनकी पत्नी, जो स्वयं भी सरकारी शिक्षिका हैं, इस नेटवर्क के अहम किरदार हैं। इनके साथ छोटे नाम का एक व्यक्ति, जो काशीपुर के होंडा शोरूम के पास ईंटों का गोदाम चलाता है, भी इस रैकेट में शामिल है। इसके अलावा नियाज और आसिफ तुर्की जैसे बड़े नाम भी गाड़ियों के इस अवैध संचालन में भागीदार हैं।
ईंटों की गाड़ियों में बिलों में हेराफेरी की जाती है। गाड़ियों में ईंटें कम गुणवत्ता की होती हैं, लेकिन उन्हें ऊंचे दाम पर दिखाया जाता है। इन गाड़ियों के जरिए खनन सामग्री की अवैध आवाजाही भी होती है, जिससे सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
यह मामला अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। सीमा पर तैनात अधिकारी इस पूरे खेल से वाकिफ हैं, लेकिन कार्रवाई करने से कतराते हैं। भ्रष्टाचार के चलते इस सिंडिकेट के मास्टरमाइंड खुलेआम अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।
अब सवाल उठता है कि आखिर कब तक यह अवैध कारोबार जारी रहेगा? सरकार और जिम्मेदार विभाग क्या इस पर रोक लगाने के लिए कदम उठाएंगे या भ्रष्टाचार का यह जाल यूं ही चलता रहेगा?
