प्लास्टिक बैन की धज्जियां महुआखेड़ा गंज की अवैध फैक्ट्री पर प्रशासन का हल्ला बोल

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प्लास्टिक बैन की धज्जियां महुआखेड़ा गंज की अवैध फैक्ट्री पर प्रशासन का हल्ला बोल

अज़हर मलिक 

काशीपुर, उत्तराखंड: उत्तराखंड में प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बावजूद, महुआखेड़ा गंज में एक अवैध पॉलिथीन फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। प्रशासन ने प्रदूषण विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई में फैक्ट्री पर छापा मारा और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर सारा माल जब्त कर लिया। यह कार्रवाई पर्यावरण के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि महुआखेड़ा गंज के इस इलाके में अवैध पॉलिथीन बैग तैयार किए जा रहे हैं, जो न केवल पर्यावरण के लिए खतरनाक हैं बल्कि राज्य सरकार के प्लास्टिक बैन के उल्लंघन की भी पुष्टि करते हैं। सूचना मिलते ही प्रदूषण विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने छापेमारी की और मौके पर बिखरे पड़े पॉलिथीन बैग और अवैध मशीनें बरामद कीं। फैक्ट्री को सील कर दिया गया और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

 

 

 

प्रशासन की यह सख्त कार्रवाई साबित करती है कि पर्यावरण के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर पालिका प्रशासन ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए माल जब्त किया और अवैध फैक्ट्री को पूरी तरह से बंद कर दिया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि प्रशासन अब अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण रखने के लिए तैयार है।

 

 

 

नरेश गोस्वामी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी, काशीपुर ने बताया, “हमने महुआखेड़ा गंज में फैक्ट्री पर कार्रवाई की है। यह पूरी तरह से अवैध था और पर्यावरण के लिए खतरनाक था। जुर्माना भी लगाया गया है और आगे भी ऐसी फैक्ट्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

 

 

 

 

 

हालांकि प्रशासन की कार्रवाई काबिले तारीफ है, लेकिन सवाल यह उठता है कि ऐसी अवैध फैक्ट्रियां इतने लंबे समय तक कैसे चलती रही और क्या अभी भी कहीं और ऐसी फैक्ट्रियां चल रही हैं? अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजरें हैं, जो यह तय करेगी कि क्या ये प्रयास महुआखेड़ा गंज से बाहर अन्य इलाकों में भी असर डाल पाएंगे।

 

 

 

 

 

महुआखेड़ा गंज में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर प्रशासन की सख्ती को उजागर किया है। अब यह देखना बाकी है कि क्या यह कार्रवाई पूरी तरह से अवैध फैक्ट्रियों पर नियंत्रण लगाने में सफल होगी या यह केवल एक शुरुआत है। प्रशासन का इरादा साफ है—कानून से ऊपर कोई नहीं।

 

 

 

 

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