सिंघम स्टाइल में ARTO संदीप वर्मा का एक्शन: सड़कों पर उतरा परिवहन विभाग का ‘हंटर’, ओवरलोडिंग माफियाओं में मची खलबली
अज़हर मलिक
जब इरादे नेक और कर्तव्य के प्रति निष्ठा अटूट हो, तो अपराधी और नियम तोड़ने वाले खुद-ब-खुद पनाह मांगने लगते हैं। कुछ ऐसा ही मंजर शनिवार को बाजपुर-काशीपुर हाईवे पर देखने को मिला, जहाँ एआरटीओ प्रवर्तन संदीप वर्मा के नेतृत्व में परिवहन विभाग ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया। यह सिर्फ एक रूटीन चेकिंग नहीं थी, बल्कि उन लोगों के खिलाफ एक खुला ‘युद्ध’ था जो सड़क सुरक्षा को ठेंगे पर रखकर ओवरलोडिंग का गंदा खेल खेलते हैं। एआरटीओ वर्मा की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने एनएच-74 पर अवैध परिवहन करने वालों के बीच ऐसा खौफ पैदा कर दिया कि चेकिंग की खबर मिलते ही हाईवे पर सन्नाटा पसर गया।
अपनी कार्यकुशलता और तेज-तर्रार निर्णयों के लिए मशहूर संदीप वर्मा ने मौके पर ही 15 गाड़ियों को सीज कर उनकी मनमानी पर ताला जड़ दिया, जबकि 105 वाहनों को नियमों का उल्लंघन करने पर भारी चालान थमाए। इस अभियान की सबसे बड़ी कामयाबी वह ‘रेत का सौदागर’ रहा, जो 10 टन की रॉयल्टी की आड़ में 48 टन रेत ढोकर सरकार की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा था, लेकिन एआरटीओ की पारखी नजरों से बच पाना नामुमकिन था। विभाग की इस जीरो-टोलरेंस नीति ने यह साबित कर दिया है कि संदीप वर्मा के रहते सड़कों पर अराजकता फैलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। यह ताबड़तोड़ कार्रवाई उन सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो ये सोचते थे कि वे नियमों से ऊपर हैं; अब काशीपुर से बाजपुर तक सिर्फ कानून का राज चलेगा और सड़कों पर वही दौड़ेगा जो कायदे में रहेगा।
