काशीपुर में स्वच्छता पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’: अवैध गंदगी गिराने वाले स्लज वाहनों पर निगम का शिकंजा, बिना GPS संचालन पर लगेगी पूर्ण रोक
अजहर मलिक
काशीपुर: स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में शहर को अव्वल नंबर दिलाने के लिए नगर निगम ने अपनी रणनीति बदल दी है। महापौर दीपक बाली और नगर आयुक्त रविन्द्र सिंह बिष्ट के निर्देशों के बाद अब शहर की स्वच्छता से खिलवाड़ करने वाले फिकल स्लज सक्शन वाहनों पर नकेल कसने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल साह की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में साफ कर दिया गया कि शहर में अब नियमों के विरुद्ध एक भी स्लज वाहन नहीं चलने दिया जाएगा। बैठक में यह गंभीर मुद्दा उठा कि कई वाहन संचालक सेप्टेज का निस्तारण निर्धारित मानकों के खिलाफ जाकर इधर-उधर कर रहे हैं, जिससे न केवल प्रदूषण बढ़ रहा है बल्कि गंगा की निर्मलता पर भी खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 20 दिसंबर को अवैध रूप से गंदगी फैलाते पकड़े गए एक वाहन को निगम ने तत्काल जब्त कर सख्त संदेश दिया है। सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट ने स्पष्ट किया कि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के निर्देशों के बावजूद कई वाहन स्वामियों ने अभी तक अपने वाहनों में जीपीएस (GPS) स्थापित नहीं किया है। अब निगम ने अल्टीमेटम जारी कर दिया है कि 24 दिसंबर तक हर हाल में सभी फिकल स्लज वाहनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा। इससे हर वाहन के मूवमेंट की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सीवर की गंदगी केवल अधिकृत ट्रीटमेंट प्लांट पर ही डाली जा रही है।
नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब नगर निगम, आरटीओ और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करेंगे। इसमें वाहन की स्थायी जब्ती और भारी जुर्माने के साथ-साथ वाहन का परमिट निरस्त करना और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क वसूलना भी शामिल है। निगम के इस कड़े रुख के बाद वाहन स्वामियों ने कल तक जीपीएस लगवाने और भविष्य में नियमों का पालन करने की लिखित सहमति दी है। सहायक नगर आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि काशीपुर की सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले संचालकों को इसकी भारी कानूनी कीमत चुकानी होगी।