महामारी को दावत देते काशीपुर CMS: डॉ. एस. के. दीक्षित की ‘लापरवाही’ से मौत के मुहाने पर जनता; अस्पताल परिसर में पल रहे हैं ‘किलर’ वायरस!

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महामारी को दावत देते काशीपुर CMS: डॉ. एस. के. दीक्षित की ‘लापरवाही’ से मौत के मुहाने पर जनता; अस्पताल परिसर में पल रहे हैं ‘किलर’ वायरस!

अज़हर मलिक 

काशीपुर (उधम सिंह नगर): अगर आप काशीपुर के सरकारी अस्पताल में इलाज कराने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! यहाँ आपको जीवनदान नहीं, बल्कि संक्रमण और जानलेवा बीमारियां ‘गिफ्ट’ में मिल रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. एस. के. दीक्षित की घोर प्रशासनिक विफलता और संवेदनहीनता ने इस अस्पताल को मौत का केंद्र बना दिया है।

कुत्ते नोंच रहे हैं ‘मौत का सामान’, सो रहे हैं डॉ. दीक्षित!

​अस्पताल के रिहायशी परिसर और एम्बुलेंस स्टैंड के पास फैला मेडिकल वेस्ट का अंबार डॉ. एस. के. दीक्षित के प्रबंधन की धज्जियां उड़ा रहा है। खून से सनी पट्टियां, संक्रमित इंजेक्शन और गंदगी को आवारा कुत्ते मुंह में दबाकर रिहायशी इलाकों में फैला रहे हैं। यह सिर्फ गंदगी नहीं, बल्कि ‘बायो-मेडिकल वेस्ट’ के नियमों का सरेआम कत्ल है, जिसके लिए सीधे तौर पर CMS जिम्मेदार हैं।

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डॉक्टर साहब! आपकी इस लापरवाही से फैल सकती हैं ये ‘जानलेवा’ बीमारियां:

​डॉ. एस. के. दीक्षित की आंखों पर बंधी लापरवाही की पट्टी शायद उन्हें ये नहीं देखने दे रही कि इस कचरे से काशीपुर में क्या तांडव मच सकता है:

  • हेपेटाइटिस B और C: संक्रमित पट्टियों और सुइयों के खुले में होने से यह जानलेवा वायरस हवा और कुत्तों के जरिए फैल सकता है।
  • सेप्टीसीमिया (Septicemia): मेडिकल वेस्ट के संपर्क में आने से खून में जहर फैलने का खतरा।
  • लेप्टोस्पायरोसिस: कचरे पर पनपने वाले चूहों और कुत्तों के जरिए यह घातक बीमारी पूरे शहर को चपेट में ले सकती है।
  • टाइफाइड और कॉलरा: स्टाफ क्वार्टर के पास जमा गंदगी पीने के पानी के स्रोतों को जहरीला बना रही है।
  • स्किन इन्फेक्शन और टिटनेस: सड़ने वाले गंदे कपड़ों और रुई से चर्म रोगों का अंबार लग रहा है।

सफेद कोट पर ‘लापरवाही’ के दाग!

​सवाल यह उठता है कि क्या डॉ. एस. के. दीक्षित को सिर्फ अपनी कुर्सी और रसूख से मतलब है? अस्पताल परिसर में स्टाफ के बच्चे उसी गंदगी के बीच खेल रहे हैं जहाँ कुत्ते ‘संक्रमित कचरा’ फैला रहे हैं। क्या CMS साहब किसी मासूम की बलि चढ़ने का इंतजार कर रहे हैं? नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों को ताक पर रखकर जिस तरह मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंका गया है, वह सीधे तौर पर आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आता है।

क्या धामी सरकार करेगी ऐसे ‘नाकारा’ तंत्र पर वार?

​एक तरफ सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं, वहीं डॉ. एस. के. दीक्षित जैसे अधिकारी सरकार की छवि पर कालिख पोत रहे हैं। काशीपुर की जनता अब यह पूछ रही है कि क्या स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी इस ‘नर्क’ के जिम्मेदार CMS पर कठोर कार्रवाई करेंगे या फिर भ्रष्टाचार और सेटिंग-गेटिंग के खेल में जनता की जान की बलि चढ़ती रहेगी?

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