काशीपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: खाकी का खौफ देख कांपे शातिर चोर; 4 बाइक बरामद, हिस्ट्रीशीटरों का खेल खत्म!
अज़हर मलिक
काशीपुर: “जुल्म की रात कितनी भी लंबी क्यों न हो, खाकी का सूरज निकलते ही अंधेरा छंट जाता है। गुनाहों की फेहरिस्त कितनी भी मकबूल क्यों न हो, उनका अंत जेल की काल कोठरी में ही होता है।” काशीपुर पुलिस ने इसी मंत्र को सच कर दिखाया है। कोतवाल हरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देवभूमि में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।
खाकी के सम्मान में ये पंक्तियाँ आज सटीक बैठती हैं:
- “मिटाकर जुल्म का साया, जो अमन की राह बुनते हैं,
- वही जांबाज रातों को, वतन की आह सुनते हैं।
- सलाम है उन वर्दी वालों को जो चैन से हमें सुलाने के लिए,
- खुद अपनी नींद और खुशियां दांव पर लगाते हैं।”
पुलिस टीम ने बीती रात एक सटीक घेराबंदी करते हुए नौगजा मजार के पास से बिना नंबर की बाइक के साथ दो शातिर चोरों, बिरजू और मलखान को दबोच लिया। ये महज चोर नहीं, बल्कि अपराध की दुनिया के पुराने खिलाड़ी हैं। मलखान पर चोरी और लूट के 10 संगीन मुकदमे दर्ज हैं, जबकि बिरजू भी 5 मुकदमों का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस की कड़ाई के आगे जब इन शातिरों का गुरूर टूटा, तो इनकी निशानदेही पर झाड़ियों में छिपाई गई 3 और चोरी की बाइकें बरामद हुईं।
इस बड़ी कामयाबी के नायक रहे कोतवाल हरेंद्र चौधरी, एसएसआई नवीन बुधानी और कटोराताल चौकी प्रभारी कौशल भाकुनी। पुलिस की इस टीम ने न केवल चोरी का नेटवर्क बेनकाब किया, बल्कि शहर के नागरिकों को सुरक्षा का अटूट भरोसा भी दिलाया।
सराहनीय टीम: एसआई गिरीश चंद्र, कंचन पडलिया, कांस्टेबल प्रेम सिंह कनवाल, गिरीश मठपाल और ईश्वर सिंह अधिकारी।
“खाकी जब सड़कों पर उतरती है, तो सुकून घर आता है,अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो, वो अंत में पुलिस की गिरफ्त में ही आता है।”
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