काशीपुर में प्रदूषण के खिलाफ नगर निगम का ‘हल्ला बोल’: स्ट्रीट वेंडरों को दिलाई शपथ; कूड़ा जलाया तो अब खैर नहीं, सीधे कटेगा चालान!
अज़हर मलिक
काशीपुर (08 जनवरी, 2026): भारत सरकार और उत्तराखंड शहरी विकास निदेशालय के निर्देशों पर काशीपुर नगर निगम इन दिनों एक्शन मोड में है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारियों को धार देते हुए शहर में ‘वायु प्रदूषण जागरूकता सप्ताह’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महापौर दीपक बाली और नगर आयुक्त रविन्द्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में नगर निगम की टीम सड़कों पर उतरकर पर्यावरण बचाने की मुहिम में जुट गई है।
कूड़ा जलाया तो नपेंगे लापरवाह, होगी जेल और जुर्माना!
05 से 10 जनवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान का सबसे कड़ा संदेश ‘ओपन बर्निंग’ यानी खुले में कूड़ा जलाने वालों के लिए है। अभियान के चौथे दिन नगर निगम की टीम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि खुले में कचरा जलाना अब महंगा पड़ेगा। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सीधे कठोर चालानी कार्रवाई की जाएगी।
फूड और स्ट्रीट वेंडरों ने ली स्वच्छता की कसम
अभियान के चौथे दिन मुख्य फोकस शहर के फूड स्टॉल्स और स्ट्रीट वेंडरों पर रहा। नगर निगम की टीम ने वेंडरों को प्रदूषण कम करने के गुर सिखाए:
सोर्स सेग्रीगेशन: गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग डस्टबिन में रखने की तकनीक बताई गई।
डस्टबिन की अनिवार्यता: हर स्टॉल पर डस्टबिन होना अनिवार्य किया गया है।
सामूहिक शपथ: दर्जनों वेंडरों ने एक सुर में काशीपुर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की शपथ ली।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस ग्राउंड जीरो अभियान में स्वास्थ्य एवं सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट के साथ निगम कर्मचारियों और ‘भाषासूत्र’ कंपनी की आरजू पाल व पीएमयू टीम ने मोर्चा संभाला। साथ ही, स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को जन-आंदोलन बना दिया। जिसमें रेनू नौटियाल, कमलेश, मधु, फरीदा, मीनाक्षी, ज्योति और सुनीता जैसी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई।
स्वच्छ काशीपुर के लिए नगर निगम की अपील
नगर निगम ने साफ तौर पर कहा है कि शहर की हवा को जहरीला होने से बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कूड़ा जलाने के बजाय उसका सही निस्तारण करें। प्रशासन का लक्ष्य साफ है— स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त काशीपुर।