नीलकंठ कॉलोनी की गलियों में घुला था ‘कच्चा’ नशा, कुंडा पुलिस ने बिगाड़ा खेल
अज़हर मलिक
अक्सर सन्नाटा बहुत कुछ कह जाता है, लेकिन जब यह सन्नाटा किसी अवैध कारोबार की गूँज छुपाने लगे, तो खाकी की दस्तक लाजिमी हो जाती है। ऊधमसिंह नगर के कुंडा थाना क्षेत्र में कुछ ऐसा ही सस्पेंस पनप रहा था, जहाँ नीलकंठ कॉलोनी की आड़ में नशे का एक कच्चा खेल खेला जा रहा था। किसी को कानो-कान खबर नहीं थी कि कॉलोनी के भीतर क्या पक रहा है, लेकिन मुखबिरों के जाल और पुलिस की पैनी नजरों ने उस सस्पेंस से पर्दा उठा दिया जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। रविवार की सुबह जब सूरज अपनी लालिमा बिखेर रहा था, ठीक उसी वक्त कुंडा पुलिस एक ऐसे ठिकाने की घेराबंदी कर रही थी जहाँ से मौत का सामान परोसा जा रहा था।
मामला उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब प्रभारी निरीक्षक कुंडा के नेतृत्व में गठित टीम ने सर्वरखेड़ा क्षेत्र में अचानक दबिश दी। पुलिस की इस बिजली जैसी फुर्ती ने वहां मौजूद शख्स को संभलने का मौका तक नहीं दिया। घेराबंदी के बीच फंसा 51 वर्षीय मनोज कुमार, जो कि नीलकंठ कॉलोनी का ही निवासी बताया जा रहा है, पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जब पुलिस ने उसके कब्जे से बरामदगी शुरू की, तो वह आँकड़ा चौंकाने वाला था। पुलिस ने मौके से कुल 40 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की है, जिसे बाजार में खपाने की पूरी तैयारी थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों के बाद काशीपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान ने शराब माफियाओं के हौसले पस्त कर दिए हैं।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक गणेश दत्त भट्ट के साथ कांस्टेबल सूरज बोरा और प्रणय राठी की मुख्य भूमिका रही, जिन्होंने बिना किसी शोर-शराबे के इस सटीक ऑपरेशन को सफल बनाया। फिलहाल, आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल इलाके में सुरक्षा का अहसास कराया है, बल्कि उन लोगों को भी कड़ा संदेश दिया है जो कानून की आँखों में धूल झोंककर मौत का व्यापार करने का ख्वाब देख रहे थे।