जहां राह है वहां चाह है, वंदना चौधरी ने भरी सपनों की उड़ान

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जहां राह है वहां चाह है, वंदना चौधरी ने भरी सपनों की उड़ान

अज़हर मलिक

कहते है अगर इंसान के हौसलें बुलंद हो तो आपको कामयाबी छूने से कोई नहीं रोक सकता। सबसे खास बात तो ये है कि जब आपके सपनों को हकीकत करने में आपके अपने उन किरदारों में जुड़कर आपका साथ दे तो सपनों को छूने का मजा दोगुना हो जाता है। ऐसा ही हुआ कुछ मानव विकास सोसाइटी की प्रदेश अध्यक्ष वंदना चौधरी के साथ।

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वंदना का जन्म 17 जनवरी 1994 को काशीपुर में हुआ। बचपन से ही वंदना ने माता पिता को लोगों की मदद करते हुए देखा है। वंदना के पिता अक्सर कई लोगों की शादियां करवाते है। जरूरतमंद लोगों की हर सहायता करते आए है। वंदना कहती है माता पिता की ऐसी जिंदा दिल और सहयोगी स्वभाव देख उनके दिल में भी चिंगारी जगी जिसके बाद उन्होंने भी लोगों की मदद करना शुरू कर दिया और 12 पास करने के बाद उन्होंने भी असहाय लोगों को ट्यूशन देना शुरू कर दिया। समय बीतता गया और वंदना ने लोगों की जिम्मेदारियों का बीड़ा उठाते हुए कई लोगों की मसीहा बनी। जिसके बाद वंदना ने उत्तराखंड में मानव विकास सोसाइटी की ngo बनाई। जिसके प्रयास से वह लगातार लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका निवारण कर रही है और लोगों की मदद कर रही है। कोरोनाकाल के दौरान भी उन्होंने लोगों सहायता की और उनका प्रयास आगे भी लोगों को जागरुक करना और मदद करना रहेगा

 

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