खनन माफियाओं पर वन विभाग का करारा प्रहार, डीएफओ के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई से मचा हड़कंप।
सलीम अहमद साहिल
अवैध खनन में लिप्त माफियाओं के मंसूबों पर एक बार फिर वन विभाग ने करारा प्रहार करते हुए यह साफ संदेश दे दिया है कि तराई पश्चिमी वन प्रभाग में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिनांक 01 फरवरी 2026 को प्रकाश चंद्र आर्य, प्रभागीय वनाधिकारी (DFO), तराई पष्चिमी वन प्रभाग एवं संदीप गिरी, उप-प्रभागीय वनाधिकारी के स्पष्ट निर्देशन में प्राप्त पुख्ता सूचना के आधार पर कटिया पुल गेट स्थित खनन क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने औचक छापा मारकर खनन माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
छापेमारी के दौरान मौके से 01 डम्पर एवं 01 ट्रैक्टर को अवैध खनन एवं अवैध खनन निकासी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों वाहनों को तत्काल कार्रवाई करते हुए कटिया पुल चौकी परिसर में सुरक्षित रूप से खड़ा कराया गया, जिससे क्षेत्र में अवैध खनन में संलिप्त तत्वों में हड़कंप मच गया।

वन विभाग की इस त्वरित और प्रभावशाली कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खनन माफियाओं के लिए अब जंगल की ज़मीन सुरक्षित पनाहगाह नहीं रही। डीएफओ के सख़्त रुख और ज़ीरो टॉलरेंस नीति के चलते अवैध खनन में लिप्त माफियाओं के मन में वन विभाग का खौफ साफ झलकने लगा है।
वन विभाग ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अवैध खनन के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार, सख़्त और प्रभावी रूप से जारी रहेगा, और किसी भी स्तर पर कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
वन विभाग की यह कार्रवाई न केवल अवैध खनन के खिलाफ एक सख़्त संदेश है, बल्कि यह कार्यवाही यह भी साबित करती है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और ज़मीनी स्तर पर की गई त्वरित कार्रवाई से खनन माफियाओं की कमर तोड़ी जा सकती है।
कार्रवाई में सम्मिलित रही वन विभाग की मुस्तैद टीम—
सुरजीत सिंह — वन दरोगा
जगदीश प्रसाद — वन बीट अधिकारी
अजमत खान — वन दरोगा
हिमांशु — QRT सदस्य
अजय रावत — वाहन चालक