देवभूमि की वादियों में बहते नशे के दरिया पर ‘लाल’ घेरा: एक गुप्त सूचना और फिर बिछा खाकी का जाल
मुकेश कुमार
अंधेरे का फायदा उठाकर जब समाज की जड़ों में कच्चा जहर उतारने की साजिश रची जा रही थी, तब लालकुआं की सरहद पर तैनात कुछ निगाहें ऐसी भी थीं जो खामोश तो थीं, पर बेहद सतर्क। देवभूमि की पवित्रता को नशाखोरी की कालिख से बचाने के लिए खाकी ने जब अपना चक्रव्यूह बुना, तो सन्नाटे के बीच चल रहा मौत का यह सौदागर खुद को कानून की गिरफ्त से बचा नहीं सका। गोला गेट के पास जब हलचल बढ़ी और पुलिस की टॉर्च की रोशनी एक संदिग्ध प्लास्टिक के कट्टे पर पड़ी, तो सामने आया वह सच जिसे छिपाने की कोशिश वार्ड नंबर 1 की तंग गलियों से शुरू हुई थी। ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ के संकल्प के बीच पुलिस की यह रेड महज एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नशे के उन आकाओं के लिए एक सख्त चेतावनी है जो युवाओं की रगों में जहर भरने का ख्वाब पाले बैठे हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल, श्री मंजूनाथ टीसी के ‘मिशन-2025’ को धरातल पर उतारते हुए लालकुआं पुलिस ने इस सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है। एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कत्याल और क्षेत्राधिकारी अमित कुमार सैनी के दिशा-निर्देशों के तहत प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा की टीम ने फील्ड पर वह चुस्ती दिखाई जिसकी उम्मीद इन तस्करों को शायद कभी नहीं थी। 18 फरवरी की उस गश्ती ने तब सफलता का नया अध्याय लिखा जब चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने इरफान खान नामक युवक को धर दबोचा। आरोपी के पास मौजूद कट्टे की जब तलाशी ली गई, तो पुलिस भी दंग रह गई—अंदर 95 पाउच अवैध कच्ची शराब छिपाई गई थी, जो क्षेत्र में खपाने की तैयारी थी।
हल्दुचौड़ की ओर जाने वाले रास्ते पर हुई इस बड़ी कार्यवाही ने लालकुआं क्षेत्र के अवैध शराब माफियाओं के नेटवर्क को झकझोर कर रख दिया है। उप निरीक्षक शंकर नयाल, कांस्टेबल गुरमेज सिंह और कुबेर राणा की इस जांबाज टीम ने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। नैनीताल पुलिस का यह प्रहार साफ संदेश देता है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले हर हाथ को कानून बेड़ियों से जकड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। खाकी का यह अभियान अब उन गलियों तक पहुंचने वाला है जहां नशे की मंडी सजती है, क्योंकि देवभूमि को नशामुक्त बनाना अब पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है।