विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में गणतंत्र दिवस की भव्य धूम, शूरवीर वनकर्मियों को मिला सम्मान।

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विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में गणतंत्र दिवस की भव्य धूम, शूरवीर वनकर्मियों को मिला सम्मान।

                   सलीम अहमद साहिल 

 

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रामनगर (नैनीताल) प्रकृति कि अनुपम धरोहर और बाघों की धरती के रूप में विश्वविख्यात जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में 77वाँ गणतंत्र दिवस राष्ट्रभक्ति, सम्मान और गौरव के भाव के साथ मनाया गया। पार्क परिसर में आयोजित भव्य समारोह के दौरान ध्वजारोहण के साथ ही उन जांबाज वनकर्मियों को सम्मानित किया गया, जो सघन जंगलों में जोखिम भरी परिस्थितियों के बावजूद वन्यजीवों और पर्यावरण की रक्षा में दिन-रात तैनात रहते हैं।

 

 

इस अवसर पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक श्री साकेत बडोला ने वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वनकर्मी केवल विभाग के कर्मचारी नहीं, बल्कि प्रकृति के सच्चे प्रहरी हैं, जो वन्यजीव तस्करों, लकड़ी माफियाओं और अन्य चुनौतियों के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर कर्तव्य निभाते हैं। निदेशक ने भावुक स्वर में बताया कि कई बार ये वीर रक्षक उन्हीं वन्यजीवों के हमलों का शिकार भी हो जाते हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए वे तैनात होते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका समर्पण और साहस अडिग रहता है।

 

 

 

 

निदेशक साकेत बडोला ने गर्व के साथ जानकारी दी कि जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क अपने गौरवशाली 90वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित और समृद्ध बनाए रखने के लिए राज्य सरकार एवं पार्क प्रशासन लगातार नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कार्य कर रहा है।

पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए कॉर्बेट प्रशासन ने विदेशी पर्यटकों के लिए 90 दिन पूर्व और भारतीय पर्यटकों के लिए 45 दिन पूर्व रात्रि विश्राम की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था लागू की है, जिसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

शोध एवं संरक्षण के क्षेत्र में भी कॉर्बेट ने नई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। शिकारी पक्षियों पर सैटेलाइट टैगिंग, ‘हॉग डियर’ के व्यवहार और आवास पर शोध परियोजनाएँ तथा ऑल इंडिया टाइगर सेंसस के आगामी चरण में कैमरा ट्रैप और अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से बाघ संरक्षण को नई दिशा दी जा रही है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए पार्क प्रशासन ग्रामीणों के साथ निरंतर संवाद, जागरूकता अभियानों और समन्वय पर विशेष जोर दे रहा है, ताकि प्रकृति और मानव के बीच संतुलित सह-अस्तित्व को मजबूती मिल सके।

गणतंत्र दिवस का यह आयोजन न केवल राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बना, बल्कि वनकर्मियों के साहस, समर्पण और कॉर्बेट पार्क की वैश्विक पहचान को भी नई ऊँचाइयों पर ले गया।

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