घर की दहलीज पर कतर दी गईं खुशियां: सन्नाटे को चीरती एक टक्कर और बुझ गया बिंदुखत्ता के घर का चिराग

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घर की दहलीज पर कतर दी गईं खुशियां: सन्नाटे को चीरती एक टक्कर और बुझ गया बिंदुखत्ता के घर का चिराग

मुकेश कुमार 

पंतनगर की व्यस्त सड़कों पर हर शाम हजारों पहिए दौड़ते हैं, कुछ घर पहुंचने की जल्दी में तो कुछ अपनी मंजिलों की तलाश में। लेकिन कल शाम की उस धुंधली रोशनी में किसे पता था कि एक मोटरसाइकिल पर सवार शख्स अपनी आखिरी यात्रा पर है। नगला बाईपास के सन्नाटे को चीरती हुई एक जोरदार टक्कर हुई और फिर सब कुछ हमेशा के लिए खामोश हो गया। जब तक राहगीर कुछ समझ पाते और मदद के हाथ बढ़ते, तब तक नियति अपना खेल खेल चुकी थी। सड़क किनारे बेसुध पड़ा वह शरीर महज एक दुर्घटना का शिकार नहीं था, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार की उम्मीदों का ढह जाना था।

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हृदय विदारक यह हादसा लालकुआं के समीप नगला बाईपास पर पेश आया, जिसने बिंदुखत्ता के सुभाष नगर में मातम पसर दिया है। पंतनगर स्थित कैंटीन में अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे 42 वर्षीय भुवन जोशी की जिंदगी का सफर एक अज्ञात वाहन की टक्कर ने बेरहमी से खत्म कर दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि भुवन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पंतनगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवाया। आज दोपहर पोस्टमार्टम के बाद रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बेटों को छोड़ गए भुवन की मौत से क्षेत्र में गहरा शोक है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

 

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