हेड कांस्टेबल तालिब हुसैन की तत्परता ने फिर जीता भरोस एस.एस.पी. मंजू नाथ टिसी ने किया सम्मानित
सलीम अहमद साहिल
रामनगर कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल तालिब हुसैन पुलिस-प्रशासन में एक ऐसा नाम बन चुके हैं जिनकी कार्यशैली मित्र पुलिस की छवि को नई ऊँचाइयाँ देती है। उनका हसमुख स्वभाव और सटीक मुखबिर तंत्र के कारण कई जटिल और रहस्यमयी मामलों के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ताज़ा उदाहरण है सलीम हत्याकांड, जिसकी गुत्थी सुलझाने में तालिब हुसैन का योगदान निर्णायक साबित हुआ।
13 नवंबर को ग्राम पूछड़ी क्षेत्र में हुए सलीम हत्याकांड के खुलासे पर एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने हेड कांस्टेबल तालिब हुसैन को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर एसपी सिटी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ सुमित पांडे और कोतवाल सुशील कुमार भी मौजूद रहे।
कैसे सुलझा मामला?
12 नवंबर की रात फौजी कॉलोनी निवासी सलीम अली की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या होने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक के पुत्र रियाज ने अज्ञात के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देते हुए बताया कि किसी ने उनके पिता के सिर पर हमला कर हत्या कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाल सुशील कुमार ने एक विशेष टीम गठित की। जांच की बागडोर जब हेड कांस्टेबल तालिब हुसैन के हाथों में पहुँची तो उन्होंने अपने मुखबिर तंत्र और तकनीकी पड़ताल के माध्यम से सच का पता लगा लिया।
पुत्रों ने ही की थी पिता की हत्या
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतक के बड़े पुत्रों—नईम और नाजिम, निवासी ग्राम महेशपुर थाना भगतपुर टांडा, जिला मुरादाबाद—ने ही की थी।
दोनों आरोपी पुश्तैनी जमीन बेचने और हिस्सेदारी को लेकर चल रहे विवाद से नाराज़ थे। इसी विवाद के चलते वे रात में अपने गांव से रामनगर आए और पिता की हत्या कर फरार हो गए।
पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने जमीनी विवाद को हत्या की वजह स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया गया।
प्रशंसा की बौछार
- इस पूरे खुलासे में हेड कांस्टेबल तालिब हुसैन की सतर्कता, गहन पड़ताल और तेज़ी से सुराग जोड़ने की क्षमता ने अहम भूमिका निभाई। उनकी इसी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली पर सीओ रामनगर और कोतवाल सुशील कुमार ने उन्हें सम्मानित करने की संस्तुति की, जिसके आधार पर एसएसपी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।