तराई पश्चिमी वन प्रभाग के DFO प्रकाश चंद्र आर्य का ‘हंटर’: अवैध खनन के साम्राज्य पर प्रहार, दो डंपर दबोचे
अज़हर मलिक
रामनगर। :तराई पश्चिमी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) प्रकाश चंद्र आर्य के सख्त तेवरों और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने क्षेत्र के खनन माफियाओं की कमर तोड़कर रख दी है। डीएफओ आर्य के कुशल मार्गदर्शन और सटीक रणनीति का ही परिणाम है कि आज वन संपदा की लूट करने वाले लुटेरों के बीच खौफ का माहौल बना हुआ है।
उन्हीं के दिशा-निर्देशों पर रामनगर रेंज की टीम ने कटियापुल क्षेत्र में बिजली जैसी तेजी से छापा मारकर अवैध खनन में लिप्त माफियाओं के साम्राज्य पर करारी चोट की। गश्त के दौरान टीम ने माफियाओं के पाले हुए दो डंपरों (10-टायरा और 6-टायरा) को रंगे हाथों दबोच लिया, जो जंगल के सीने को छलनी कर अवैध रूप से खनिजों की चोरी कर रहे थे। प्रकाश चंद्र आर्य की इस सक्रिय कार्यशैली ने साफ कर दिया है कि तराई पश्चिमी वन प्रभाग अब माफियाओं की चरागाह नहीं बनेगा और सरकारी संपत्ति पर डाका डालने वाले इन सफेदपोश अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजकर ही दम लिया जाएगा। विभाग की इस “सर्जिकल स्ट्राइक” से बदहवास माफिया मौके से भाग खड़े हुए, जबकि टीम ने दोनों भारी वाहनों को जब्त कर कटियापुल चौकी में वन अभिरक्षा में डाल दिया है। डीएफओ आर्य की इस जांबाज कार्यप्रणाली और खनन सिंडिकेट के खिलाफ उनके इस युद्ध स्तर के अभियान की जनता जमकर सराहना कर रही है। इस सफल कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में वन दरोगा सुरजीत सिंह, बीट अधिकारी जगदीश प्रसाद, वन आरक्षी धीरज कुमार, वन बीट अधिकारी आशुतोष, बीट वॉचर हिमांशु, आकाश और चालक कमलेश जैसे जांबाज सिपाही शामिल रहे, जिन्होंने अपनी कार्यकुशलता से माफियाओं के मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया।




