खेल मैदान में लगी नुमाइश तो राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी ने दी आत्मदाह की चेतावनी
अबुबकर मकरानी
रामनगर : एमपीआईसी का खेल मैदान दो-तीन दिनों से काफी चर्चा में है चर्चा में इसलिए नहीं कि इस खेल मैदान में कोई खेलों का आयोजन हो रहा है .बल्कि इसमें तो लोगों के मनोरंजन के लिए नुमाइश लगाई जा रही है ,जिसमें झूले मौत का कुआं व खाने-पीने के स्टाल आदि लगाए जा रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि यह कहीं और नहीं लगते हैं ,तो यहां पर इतनी चर्चा क्यों ,क्योंकि इसका जिम्मेदार भी प्रशासन है। क्योंकि कुछ वर्ष पूर्व में स्थानीय खेल प्रेमियों व जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर उस समय कुमाऊं आयुक्त ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर इसमें खेल के अलावा अन्य गतिविधियों को बंद कर दिया था।
रामनगर में लोगों के लिए ना तो कोई पाक है ना कोई खेल मैदान न ही कोई बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने के लिए कोई मंच। ऐसे में भी खिलाड़ियों अभ्यास के लिए एकमात्र खेल मैदान है, उसमें भी कुछ जनप्रतिनिधियों वह प्रशासन की मिलीभगत से इसी खेल मैदान से लोगों के मनोरंजन के लिए नुमाइश लगाई जा रही है अब इसमें लोगों का मनोरंजन होता है या कुछ लोगों के मनोरंजन के साथ-साथ उनको कुछ लाभ।
इस नुमाइश के लिए हर साल होने वाले खेल कुंभ जो कि इसी मैदान में होने थे,अब उसे स्थांत्रित करके अन्य मैदान पर किया गया है,जो कि खिलाड़ियों के लिए अनुकूल नहीं है। इसी से लगता है कि इस नुमाइश से किसका मनोरंजन होने वाला है।
इस नुमाइस से स्थानीय लोगों के साथ-साथ नगरपालिका के चैयरमैन और सपासदों ने इसके आयोजन का विरोध किया । इससे खिलाड़ियों को बड़ा सदमा लगा है,क्योंकि यह फील्ड नुमाइश के लिए एक माह तक के लिए किराए पर दिया जा चुका है। उनकी चिंता है कि कितनी अवधि में वे अपने खेल का अभ्यास कहां करेंगे। क्योंकि खेल में रोज अभ्यास की जरूरत होती है। वहीं इसमें एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी ने कहा कि अगर इसमें प्रशासन रोक नहीं लगाता है तो वे आत्मदाह तक कर सकते हैं।
आपको बता दें कि यह मैदान नगर पालिका द्वारा एम पी आई सी इंटर कॉलेज को लीज पर दिया गया था,पर इसकी यह लीज 1995 में समाप्त हो चुकी है, ऐसे में इस नुमाइश पर संकट के बादल लग चुके हैं, क्योंकि इसके विरोध में खुद नगर पालिका चेयरमैन,खेल प्रेमी, व सभी सपासद उतर चुके है।