ट्रांसपोर्ट नगर में जलभराव का तांडव: प्रशासन की अनदेखी और व्यापारियों का आक्रोश

Advertisements

ट्रांसपोर्ट नगर में जलभराव का तांडव: प्रशासन की अनदेखी और व्यापारियों का आक्रोश

नरकीय जीवन जीने को मजबूर व्यापारी: कीचड़ और गंदे पानी के बीच सिमटा कारोबार

हल्द्वानी का ट्रांसपोर्ट नगर इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लगातार हो रहे जलभराव और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पूरा क्षेत्र टापू में तब्दील हो गया है। सड़कों पर जमा गहरा कीचड़ और बदबूदार पानी न केवल व्यापारियों के व्यापार को चौपट कर रहा है, बल्कि वहां काम करने वाले मजदूरों और ट्रक चालकों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। दुकानों और वर्कशॉप के सामने महीनों से पानी भरा होने के कारण ग्राहकों ने वहां आना छोड़ दिया है, जिससे ट्रांसपोर्टरों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम और संबंधित विभाग केवल कागजी दावों तक सीमित हैं, जबकि जमीन पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।

Advertisements

बीमारियों का बढ़ता खौफ और प्रशासनिक उदासीनता: केवल अस्थायी पैचवर्क से नहीं चलेगा काम

गंदगी और जलजमाव के कारण ट्रांसपोर्ट नगर अब मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का अड्डा बन चुका है। व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा समय-समय पर केवल खानापूर्ति के लिए कुछ अस्थायी इंतजाम किए जाते हैं, जो पहली ही बारिश में धुल जाते हैं। कूड़े के ढेरों और नालियों के चोक होने से बदबू इस कदर फैल चुकी है कि वहां सांस लेना भी दूभर है। ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही फागिंग और जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रशासन की इस ढिलाई ने क्षेत्र के हजारों लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है।

विधायक सुमित हृदयेश का कड़ा रुख: अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी और जल्द सुधार के निर्देश

क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय विधायक सुमित हृदयेश ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। व्यापारियों के गुस्से को देखते हुए विधायक ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बजट और योजनाओं के नाम पर जनता को गुमराह करना बंद किया जाए और तत्काल प्रभाव से सड़कों की मरम्मत और नालियों की सफाई का काम शुरू किया जाए। विधायक ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे को शासन स्तर पर उठाएंगे ताकि ट्रांसपोर्ट नगर को इस वार्षिक समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया है।

पार्कों के अस्तित्व पर खतरा और पार्किंग शुल्क का विवाद: सुविधाओं के बिना वसूली पर नाराजगी

व्यापारियों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर के नक्शे में जो स्थान पार्कों के लिए चिह्नित थे, उन्हें अब अवैध रूप से पार्किंग स्थल और वर्कशॉप में तब्दील कर दिया गया है। हरियाली के नाम पर वहां अब केवल ट्रकों का जमावड़ा रहता है। व्यापारियों में इस बात को लेकर भी गहरा रोष है कि नगर निगम बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह विफल रहा है, लेकिन अब वह वहां पार्किंग शुल्क वसूलने की योजना बना रहा है। व्यापारियों का सीधा सवाल है कि जब सड़कें टूटी हैं, लाइटें खराब हैं और चारों तरफ पानी भरा है, तो जनता से किस बात का टैक्स वसूला जा रहा है?

Advertisements
THE GREAT NEWS

THE GREAT NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *