प्रकाश पर्व: ग्राम किलावली में गूंजा ‘बोले सो निहाल’, श्रद्धा के साथ निकला नगर कीर्तन

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प्रकाश पर्व: ग्राम किलावली में गूंजा ‘बोले सो निहाल’, श्रद्धा के साथ निकला नगर कीर्तन

वाह-वाह गोबिंद सिंह, आपे गुरु चेला।”
📍 किलावली/काशीपुर | 3 जनवरी 2026

सलीम अहमद साहिल

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किलावली: दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में ग्राम किलावली में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पंज प्यारों की अगुवाई में एक विशाल नगर कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें हज़ारों की संख्या में संगतों ने अपनी हाजिरी भरी।

🚩 मार्ग: किलावली ➔ चेती मोड़ ➔ दुर्गापुर ➔ गढ़ीनेगी ➔ किलावली (समापन)

नगर कीर्तन के दौरान पूरी राह गुरु साहिब के जयकारों और शबद कीर्तन से वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। संगतों द्वारा की गई सेवा और गतका पार्टी के जौहर आकर्षण का केंद्र रहे। सायं 7 बजे नगर कीर्तन पुनः किलावली पहुँचकर संपन्न हुआ।

मानवता का संदेश:
संबोधन के दौरान वक्ताओं ने गुरु गोबिंद सिंह जी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। गुरु साहिब ने सिखाया कि अन्याय के सामने झुकना नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करना ही असली धर्म है। आज उनकी शिक्षाओं को जीवन में उतारने की सख्त ज़रूरत है।

स्थापना: 2007 से निरंतर
आयोजकों ने बताया कि यह नगर कीर्तन वर्ष 2007 से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जो क्षेत्र की एकता और आपसी भाईचारे का प्रतीक बन चुका है। कार्यक्रम के अंत में गुरु का अटूट लंगर बरताया गया।

 

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