चुनावी जंग की तैयारी तेज रणजीत सिंह रावत का मास्टर प्लान: 2027 के लिए कांग्रेस की जमीनी तैयारी शुरू बूथ स्तर पर सटीक रणनीति की बिसात।
सलीम अहमद साहिल
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की आहट अब रामनगर विधानसभा क्षेत्र में साफ सुनाई देने लगी है। राजनीतिक सरगर्मियों के बीच पूर्व विधायक और कांग्रेस के कद्दावर नेता रणजीत सिंह रावत पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं। वे जमीनी स्तर पर संगठन की बिसात बिछाते हुए कांग्रेस को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुटे हैं। जिस तरह से रणजीत सिंह रावत और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह सक्रियता नजर आ रही है, उससे यह कहा जा सकता है कि यह मेहनत 2027 के चुनाव में पार्टी के लिए मजबूती का आधार बन सकती है।
रणजीत सिंह रावत की सक्रियता सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे हर कार्यकर्ता से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें जिम्मेदारियों का अहसास करा रहे हैं। उनकी यह रणनीति कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जिस तरह से वे बूथ स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उससे साफ संकेत मिल रहा है कि कांग्रेस 2027 के चुनाव में कोई कसर छोड़ने के मूड में नहीं है।
इसी क्रम में आज रामनगर क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी द्वारा संगठन को बूथ स्तर पर सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। ग्राम टांडा में वरिष्ठ कांग्रेस नेता घनश्यामगिरी गोस्वामी के निवास पर, ग्राम चिल्किया में महेंद्र सिंह मनराल के निवास पर तथा नंदपुर (चिल्किया) में वीरेंद्र सिंह रावत के निवास स्थान पर बूथ कमेटी के सदस्यों के साथ विस्तृत और गंभीर चर्चा की गई।
इन बैठकों में सिर्फ औपचारिक बातें नहीं हुईं, बल्कि बूथ स्तर पर संगठन को कैसे मजबूत किया जाए, हर कार्यकर्ता की क्या भूमिका हो, और कैसे हर वोटर तक कांग्रेस की बात पहुंचाई जाए—इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से मंथन किया गया। बूथ कमेटियों के विस्तार, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और पुराने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया गया।
पूर्व विधायक रणजीत रावत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर जनता से संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं को समझने और कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष देशबंधु रावत द्वारा की गई। उनके नेतृत्व में बैठकें सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुईं। बैठकों में स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की सक्रिय, उत्साही और जोशीली भागीदारी देखने को मिली, जो इस बात का संकेत है कि कांग्रेस कार्यकर्ता आने वाले चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार हैं।
कुल मिलाकर, रामनगर में कांग्रेस की यह जमीनी कवायद साफ इशारा कर रही है कि पार्टी इस बार चुनावी रण में पूरी ताकत के साथ उतरने जा रही है। रणजीत सिंह रावत के नेतृत्व में जिस तरह से संगठन को धार दी जा रही है, वह आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को बदलने की क्षमता रखती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह मेहनत 2027 के चुनाव में कांग्रेस के लिए कितनी बड़ी जीत का रास्ता तैयार करती है।




