वाह पतरामपुर रेंजर साहब ये कैसा है खेल लकड़ी तस्करों से इतना मैल। क्या अब नही होगी लकड़ी तस्करों को कार्रवाई

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वाह पतरामपुर रेंजर साहब ये कैसा है खेल लकड़ी तस्करों से इतना मैल। क्या अब नही होगी लकड़ी तस्करों को कार्रवाई

 सलीम अहमद साहिल

 

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तराई पश्चिमी डिवीजन के पतरामपुर रेंज इन दिनों खूब सर्दियों में है क्योंकि जब से पतरामपुर की कमान रेंजर धर्मानंद सुनियाल ने संभाली है तब से वन विभाग की कार्यशाली पर जमकर सवाल उठ रहे हैं।

 

 

 

रेंज अधिकारी धर्मानंद सुनियाल वन विभाग की जमकर फजीहत करवा रहे हैं पूर्व में रहस्यमय तरीकों से पेड़ों का काटन करके गायब कर देना और फिर जांच के नाम पर सिर्फ दोषियों पर कार्यवाही के नाम पर आश्वासन की माला जपना इतना ही नहीं उसके बाद पतरामपुर रेंज में खूलेआम जेसीबी की मदद से सरकारी जमीनों से मिट्टी खुदान होना पतरामपुर के अंतर्गत पड़ने वाली सरकारी जमीनों को खुर्दबुर्द करने के मामलो में रेंज अधिकारी धर्मानंद सुनियाल जमकर सुर्खियों में है।

 

 

 

 

 

अब ताजा मामला दरअसल ये है की एक घर में हाथ से चिरान की गई साल की लकड़ी होने की सूचना लगभग 30 किलोमीटर दूर बैठे वन विभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी संदीप गिरी को मिल जाती है लेकिन 10 किलोमीटर दूर बैठे रेंजर धर्मानंद सुनियाल को नही मिलती है जब इस अवैध लकड़ी के धंदे की सूचना संदीप गिरी ने रेंजर धर्मानंद सुनियाल को दी तो रेंजर अपने दलबल के साथ भौकाल काटते हुए चिरान की लकड़ी पकड़ने पहुँच गए मोके पर लकड़ी पकड़ली रेंजर साहब का भौकाल उस वक्त फीका पड़ गया जब रेंजर ने लकड़ी तस्करों को ही सपुर्दगी में लड़की दे दी जैसे ही ये खबर क्षेत्र में फैली तो रेंजर की कार्यशैली पर आम जनता ने सवालिया निशान खड़े कर दिए।

 

 

 

 

 

 

 

ऐसा नही है कि रेंजर धर्मानन्द सुनियाल पतरामपुर रेंज में ही सुर्खियों में है सूत्र बताते हैं कि पतरामपुर रेंज से पहले जहाँ तैनात थे वहां भी खूब गुल खिलाकर आये हैं और रेंजर धर्मानंद के खिलाफ वहा जांच चल रही हैं अब वो जाँच किसी नतीजे पर पहुँचती है या फिर जाँच के नाम पर ही दफन हो जायेगी ये तो आना वाला वक्त ही बताया लेकिन पतरामपुर रेंज में जो ये सारा खेल चल रहा है। इन सारे मामलों की जांच का ऊँट किस ओर बैठता है ये अभी कोई नही जानता है।

 

 

 

 

 

बहरहाल रेंजर धर्मानन्द सुनियाल का दामन पतरामपुर रेंज में ही दागदार नही है कुछ ऐसे दाग है जो पिछली पोस्टिंग से भी रेंजर साहब पीछा कर रहे हैं। लेकिन जिस तरह से पतरामपुर रेंज में एक के बाद एक मामले उजगार हो रहे हैं उससे वन विभाग की खूब फजीहत हो रही है। इसके साथ ही प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चन्द्र आर्य ने खनन माफियाओं ओर लकड़ी तस्करों पे लगातार ताबड़तोड़ कार्यवाही करके जो खोफ माफियाओं के मन मे पैदा किया था।

 

 

 

 

 

 

पतरामपुर रेंजर के कारनामो से वो खोफ भी खत्म होता नजर आ रहा है। प्रकाश चंद्र आर्य की मेहनत को पलीता लगता नजर आ रहा है अगर जल्द ही इन दोषियों पर कार्यवाही नही हुई तो वो दिन दूर नही है जब डिवीजन में माफियाओं का भौकाल देखने को मिल सकता है।

 

 

 

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